यूपी बायोगैस प्लांट सब्सिडी योजना की जानकारी हिंदी में देखिए

UP Biogas Plant Subsidy Yojana Details In Hindi | Check Nabard Subsidy for Gobar Gas Plant & Cost India | उत्तर प्रदेश गोबर गैस प्लांट सब्सिडी स्कीम लागत

UP-Biogas-Plant-Subsidy-Yojana-Details-In-Hindi
UP-Biogas-Plant-Subsidy-Yojana-Details-In-Hindi

UP Biogas Plant Subsidy Yojana 2019-20: नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करंगे “यूपी बायोगैस प्लांट सब्सिडी योजना” की। आपको बता दे उत्तर प्रदेश सरकार फिर से गांवों में गोबर व कचरे से ऊर्जा पैदा करने की योजना पर विचार कर रही है। निर्मल भारत अभियान के तहत प्रदेश के 30 जिलों में ऊर्जा का उत्‍पादन किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर कंपोस्‍ट खाद तथा सोख्ता गड्ढों से बायोगैस प्‍लांट तैयार किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में पशुधन के अपशिष्ट का उपयोग उर्जा के रूप में करने के लिए सरकार द्वारा “Biogas Plant Subsidy Yojana” का संचालन किया गया है। प्रदेश में लगभग 4 लाख 80 हज़ार पशुधन है जिनसे लगभग 1200 लाख टन अपशिष्ट पदार्थ का उत्पादन होने का अनुमान है। इन अपशिष्ट पदार्थों का पूर्ण रूप से उपयोग ग्रामीणों द्वारा न किये जाने के कारण मच्छर, कीट, पतंगे आदि उत्पन्न होते हैं। जिससे पर्यावरण प्रदूषण होता है।
पाँच सदस्यों वाले परिवार के दो समय के भोजन बनाने एवं 4-5 घंटे तक एक लैंप जलाने की व्यवस्था हेतु दो क्यूबिक मीटर बायोगैस संयंत्र लगाने के लिए कम से कम 50 किलोग्राम/प्रतिदिन गोबर की आवश्यकता होती है। जिसमें गोबर जानवरों के गोबर के अतिरिक्त मल , मुर्गियों की बीट एवं फसलों के अवशेष (कचरे) आदि को भी प्रयोग किया जाता है। इन अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग ग्रामीणों द्वारा खाना बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके बावजूद भी गोबर का एक बड़ा भाग व्यर्थ होता है। पशुधन के अपशिष्ट का बायोगैस संयंत्र के रूप में प्रयोग करने पर उर्जा के साथ हीं जैविक खाद्य का भी उत्पादन होता है। जो फसलों के उत्पादन के लिए सर्वोत्तम खाद्य का काम करती है। “Biogas Plant Subsidy Yojana” का लाभ प्रदेश के किसान, डेयरी संस्था , पोल्ट्री फार्म संचालक आदि उठा सकते हैं। आइये जाने योजना की पूरी जानकारी।

बायोगैस प्लांट सब्सिडी योजना क्या है?

What is Biogas Plant Subsidy Scheme – पंचायती राज निदेशालय के आदेश के मुताबिक योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। इसमें वही लाभार्थी चयनित होंगे, जो अंशदान के रूप में कुल लागत का 40 फीसदी खर्च स्वयं कर सकें। बाकी 60 फीसदी धनराशि योजना के अन्तर्गत मुहैया कराई जाएगी। गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा गोद लिए गए बेंती गांव में ऊर्जा के लिए गोबर गैस प्लांट लगाने की योजना शुरू की गई है।
गोबर गैस प्लांट की उपयोगिता किसानों के जीवन में बहुत ज्यादा महत्त्व है। इसका उपयोग इंधन , गोबर गैस, तथा उर्वरक के रूप में किया जाता है। अभी तक किसान गोबर को खुले में रख देते हैं, जो सुख जाने पर खेतों में बिखेर दिया जाता है। इससे किसानों के खेतों में अनेक तरह की बीमारियाँ फैल जाती है क्योंकि सूखे गोबर में अनेक तरह के कीड़े लग जाते हैं। जो फसल तथा खेत के लिए नुकसान दायक होते है।

यूपी बायोगैस संयंत्र सब्सिडी योजना के लिए पात्रता-

Eligibility for UP Biogas Plant Subsidy Yojana – बायोगैस संयंत्र सब्सिडी योजना के लिए निम्न पात्रता का होना आवश्यक है:

  • इस सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य होगा।
  • आवेदक के पास 5 से अधिक मवेशी या प्रतिदिन कम से कम 50 किलोग्राम गोबर के हिसाब से वार्षिक 18.25 टन गोबर की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • 13 फीट की डोम के साथ हीं 25 फीट अतिरिक्त जगह होनी चाहिए। ताकि बायोगैस संयंत्र स्थापित करने के बाद उससे निकलने वाली बायोगैस स्लरी को रखने की व्यवस्था हो सके।
  • गौशाला या डेयरी संस्था इस योजना का लाभ उठाने की पात्रता रखती हैं।
  • प्रदेश के पोल्ट्री फार्म संचालक भी योजना के लाभ के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना पंजीयन

उत्तर प्रदेश बायो गैस प्लांट सब्सिडी योजना की राशि-

Amount of Uttar Pradesh Biogas Plant Subsidy Yojna – योजना के तहत अक्षय उर्जा मंत्रालय द्वारा स्वीकृत नक़्शे के अनुसार बायोगैस संयंत्र स्थापित करने पर अक्षय उर्जा मंत्रालय द्वारा अनुदान की राशि प्रदान की जाती है। जो निम्न प्रकार से है:

  • 5 मवेशियों से प्राप्त होने वाले लगभग 50 किलोग्राम/प्रतिदिन गोबर की खपत से 2 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले बायोगैस संयत्र स्थापित किया जा सकता है। इस संयत्र को स्थापित करने में रूपए 22 हज़ार की लागत आती है। जिसमें से राज्य सरकार द्वारा सामान्य जाति के लाभार्थियों को रूपए 9 हज़ार एवं अनुसूचित जाति के आवेदकों को रूपए 11 हज़ार सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • 2 घन मीटर क्षमता के बायोगैस संयंत्र से जनरेटर चलाने पर 5 व्यक्तियों के परिवार का दोनों वक्त का भोजन एवं लगभग 5 घंटे एक लैंप जलाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त वार्षिक 6टन जैविक खाद्य प्राप्त किया जा सकता है।
  • वहीं 150 पशुओं से प्राप्त गोबर से 85 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले बायोगैस संयत्र की स्थापना की जा सकती है। जिससे 10 किलोवाट क्षमता की बायोगैस जनरेटर चलाया जा सकता है। जिससे प्रतिदिन 100 यूनिट विद्युत उर्जा के साथ हीं 267 टन जैविक खाद्य की प्राप्ति होती है।
  • इसके लिए सरकार द्वारा पहले चरण में 40,000 रुपये एवं दूसरे चरण में 30,000 रुपये सब्सिडी की राशि प्रदान की जाती है।

इसे भी पढ़ें: यूपी गौ ग्राम योजना – आवारा गायों के लिए गौशाला सुविधा उत्तर प्रदेश

UP बायोगैस संयंत्र सब्सिडी योजना के लिये आवेदन-

Application for UP Biogas Plant Subsidy Yojana – आवेदको को यूपीनेडा (उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) के कार्यालय से संपर्क करना होगा।

  • योजना की शर्त पूरी करने पर यूपीनेडा विभाग के अधिकारी द्वारा स्थान का निरिक्षण किया जाता है।
  • इसके बाद, विभाग द्वारा बायोगैस संयत्र लगाने हेतु अनुदान की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
  • Biogas Plant Subsidy Yojna के तहत सब्सिडी की राशि आवेदक को प्राप्त होती है।

अधिक जानकारी के लिए => यहां क्लिक करें
यह भी पढ़े :- गोपालक डेयरी योजना बैंक ऋण और सब्सिडी राशि

प्रिय मित्रों, आपको हमारे द्वारा दी गयी “यूपी बायोगैस प्लांट सब्सिडी योजना (UP Biogas Plant Subsidy Yojana)” की जानकारी कैसी लगी? यदि आपको इससे जुडी कोई अन्य जानकारी या सवाल पूछने हों। तो हमे नीचे कमेंट बॉक्स में लिख भेजिए। इस जानकारी को अपने दोस्तों व सभी जानने वालो के साथ जरूर शेयर करें। प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू की गयी सभी सरकारी योजनाओं व प्रक्रियाओं की सबसे पहले जानकारी लेने के लिए हमारी वेबसाइट www.readermaster.com के साथ बने रहें। धन्यवाद-

Leave A Reply

Your email address will not be published.