उत्तर प्रदेश प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना 2021 पंजीकरण

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UP Prepaid Smart Bijli Meter Yojana 2021: नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको इस लेख के माध्यम से “उत्तर प्रदेश प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना” की जानकारी देंगे। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में प्री-पेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना शुरू करने जा रही है। जिसके लिए योगी सरकार ने पूरी प्लानिंग कर ली है। उप्र के ऊर्जा मंत्री के अनुसार इस सरकारी योजना में 15 नवंबर से राज्य सरकार लोगों के घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू करने जा रही है। यूपी प्री-पेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना के शुरुआती चरणों में यह प्रीपेड स्मार्ट मीटर सरकारी अफसरों, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के घरों में लगाये जाएंगे। क्योकि सरकार चाहती है की प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली मिले।
यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि बिजली का बिल जमा करने के मामले में सरकारी अफसरों, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों का रिकॉर्ड बिलकुल भी ठीक नहीं है। इसी बात का ध्यान रखते हुए सबसे पहले इन्हीं लोगों के सरकारी घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना के तहत बिजली मीटर लगाये जाएंगे। उप्र सरकार ने 50 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर के ऑर्डर दे दिये हैं। बिजली विभाग के आकड़ों के अनुसार यूपी में सरकारी विभागों पर बिजली डिपार्टमेंट का 13,000 करोड़ रुपये बकाया है। जिसका किश्तों में भुगतान का विकल्प भी राज्य सरकार ने दिया था पर कोई फायदा नहीं हुआ। आगे पढ़िए प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना के बारे में विस्तार से।

उत्तर प्रदेश प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना 2021

Uttar Pradesh Prepaid Smart Bijli Meter Project – बिजली विभाग स्मार्ट मीटर योजना को शुरू करने के पीछे योगी सरकार के निम्न्लिखित उद्देश्य हैं:

  • प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटरों से आगे के समय में सरकारी अफसरों, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के द्वारा बिजली का भुगतान समय पर किया जा सकेगा। क्योकि अगर बिजली का उपयोग करना है तो उन्हे पहले अपनी जरूरत के हिसाब से रीचार्ज कराना होगा।
  • बिजली के बिल का भुगतान समय पर होने से विभाग पर भार कम हो जाएगा। जिससे उन पैसों का इस्तेमाल सरकार लोगों के लिए अन्य सुविधाएं देने में कर सकती है।
  • इससे आने वाले समय में बिजली की दरों में भी कमी आएगी। जिससे सस्ती बिजली सभी को मिल सकेगी।
  • आज के समय में सबसे बड़ी समस्या बिजली चोरी की है। जिसका समाधान प्रीपैड मीटर के माध्यम से हो सकता है। क्योकि इन मीटरों में चोरी करने पर
  • बिजली विभाग को साफ-साफ पता चल जाएगा की Prepaid Smart Meter में छेड़छाड़ की गई है वो भी सबूत के साथ।
  • बिजली वितरण में होने वाले हानि में भी इस प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना से कमी आएगी जो एक बहुत बड़ी समस्या है।

यूपी सरकार प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना-

UP Govt Prepaid Smart Electricity Meter Scheme – हमारे भारत देश में पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बिजली उत्पादन होती है। फिर भी हमारे देश में बिजली दर ज्यादा है। ऐसा इसलिए है क्योकि कुछ लोग बिजली के बिल का भुगतान नहीं करते। इसके अलावा बहुत लोग बिजली की चोरी करते हैं जिसकी वजह से चोरी की हुई बिजली का बोझ भी उन लोगों पर आ जाता है। जो ईमानदारी से अपना बिल भरते हैं और देश के बारे में सोचते हैं।
इस अभियान को चरणों में खत्म किया जाएगा पहले चरण में 1 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर (Smart Prepaid Meter) लगाए जाएंगे। अभी तक पूरे प्रदेश में लगभग 7 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाये जा चुके हैं और 2022 तक पूरे प्रदेश में सभी ग्राहकों को इसके दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार भी आने वाले समय में इस तरह की तकनीक पर काम शुरू करेगी जिससे बिजली चोरी की समस्या से बचा जा सके।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2019 तक देशभर में सरकारी विभागों पर राज्य बिजली वितरण कंपनियों का बकाया 41,743 करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे पहले वित्त वर्ष में यह बकाया 36,900 करोड़ रुपये था। उत्तर प्रदेश में ही पुलिस, सिंचाई समेत विभिन्न सरकारी विभागों एवं इकाइयों पर बकाया 13,480 करोड़ रुपये है।

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