प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना-Prime Minister of Rural Development Fellowship Scheme-Yojana Apply

⇭⇭✽⇭⇭ प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना की विस्तृत जानकारी ⇭⇭✽⇭⇭

⇭⇭✽⇭⇭ Prime Minister of Rural Development Fellowship Scheme

Details ⇭⇭✽⇭⇭

प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना का शुभारंभ 7 april 2012 को जनजातीय कार्य मंत्री, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज्य की मौजूदगी में हैदराबाद के अपार्ड कैम्पस में किया गया। इस योजना को भारत देश के 60 जिलो की पहचान वामपंथी से प्रभावीत जिलो के रूप में गृह मंत्रालय द्वारा की गई। इस योजना के दौरान भारत सरकार द्वारा 60 जिलो में एक विशेष कार्यक्रम को भी चलाया गया।
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की एक शाखा, ग्रामीण भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी का कार्य सौंपा गया है। अपना ध्यान केंद्रित स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़कों पर है। 12 पर मंत्रालय जयराम रमेश खत्म करने के लिए दिया गया था, आईआईटी-बी ग्रेजुएट.जयराम रमेश खुद को पेयजल और स्वच्छता मंत्री का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया। श्री। श्री। सुदर्शन भगत ग्रामीण विकास राज्य मंत्री उपस्थित है। तथा इस 60 जिलो के दौरान चल रहे कार्यक्रम को समेकित कार्य योजना (IAP) का नाम दिया गया।
भारत देश के सभी जिलो में चल रहे समेकित कार्य योजना के कार्यक्रम के दौरान मदद के लिए जवान पेशेवरों को जिला अधीक्षक की सहमति के बाद को तैनात किया गया। 13 सितम्बर 2011 प्रधानमंत्री द्वारा बताये गए ग्रामीण विकास फेलोज़ नामक योजना की घोषणा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने की थी। देखा जाये तो विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना विकास को बेहतर बनाने के रूप में कार्य करेगी।
प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति के तहत समेकित कार्य योजना वाले जिलो में सहकर्मियों एव कलेक्टरों की सहायता करेंगे और उन्हें ये भी बताया और शिखाया जायेगा की मुश्किल परिस्थिति में कैसे निकल या निपटा जाये और फेलोज़ विशेष रूप से जिले में कार्यक्रम का संचालन करेंगे। प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना के प्रारम्भ के पश्चात मानव विकास संसथान, डॉ मैरी चन्ना, आंध्र प्रदेश में टाटा समाज विज्ञानं इंस्टिट्यूट की टीम, रेड्डी इन सब ने एक महीने का प्रक्षिशण किया।
इस योजना के दौरान प्रक्षिशण के उपरांत क्षेत्रगत प्रक्षिशण हुआ और जिसके लिए अध्येताओं एक महीने के लिए उनकी पसंद के आधार एव उनकी योग्यता पर डिफरेंटली समेकित कार्य योजना जिलो में भेज दिया गया। प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना के दौरान इन कार्यकर्मो का महत्वपूर्ण उद्देश्य अवसंरचना विकास, गरीबी, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन आदि हैं. इस योजना के तहत समय के साथ कार्यकर्मो में मिले अनुभव के आधार पर गरीब नागरिको की जरूरतों का ध्यान रखना हैं।
प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण लोगो की गरीबी को हटाना हैं तथा ग्रामीण वर्ग के लोगो को अन्य बेहतर सुविधाय मुहैया करानी हैं। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक बेहतर सुविधाओ का लाभ समाज के सभी गरीब नागरिको को मिले, इसके फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रो में अपना जीवन स्थर के लिए 5 आथिक व सामाजिक कारणों की पहचान की गई हैं।
✽✽ प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना के 5 कारण इस प्रकार हैं:-

  • प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना के तहत सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रो के लोगो के लिए आवास योजना को बेहतर करने की सुविधा।
  • दूसरी सुविधा यह हैं की उन लोगो को पिने का पानी की सुविधा भी बेहतर हो।
  • इसके पश्चात इस योजना के तहत स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओ को भी बेहतर बनाना जैसे:- हस्पताल, क्लीनिक आदि।
  • फिर इसके बाद शिक्षा को बेहतर बनाना। और लास्ट में आती हैं सड़क ग्रामीण क्षेत्रो की सड़को के निर्माण की जरुरत है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास अध्येतावृत्ति योजना के लिए तीन आवश्यक कूटनीतियों को शामिल किया जो की इस योजना के अंतर्गत सभी बजट प्रक्रिया, नियोजित गतिविधियों के सुचारू रूप के सञ्चालन द्वारा प्रोगरामिंग के दौरान सभी जिला संसाधन को मजबूत करेगी। इस योजना के दौरान सामाजिक प्रक्रिया से जमीनी समर्थन हासिल होगा, पंचायतो के साथ इस योजना में मजबूत सम्बन्ध बनेंगे।
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