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pib.nic.in Prime Minister Mineral Area Welfare Plan-प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की जानकारी

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✿✹✿ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की जानकारी ✿✹✿
✿✹✿ Information Of Prime Minister Mineral Area Welfare Plan ✿✹✿

प्रधान मंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत इस योजना का शुभारंभ केंद्र मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 17 सितम्बर 2015 किया था। इस योजना के तहत खनन संबंधित कार्यों से त्रस्त क्षेत्रों में नागरिकों के कल्याण के लिए आरम्भ किया गया है। इस योजना के तहत इस योजना के लिए पूंजी जिला खनिज फाउंडेशन से ली जाएगी।

इस योजना के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से एक अपने स्पीच में इस बात संकेत किया था की जिन नागरिकों के इलाकों के कारण भारत देश की उन्नति हो रही है तथा उन्ही नागरिकों का उन्नति कहीं न कहीं थम सी गयी है। इस स्तिथि में उन नागरिकों के लिए सोचना बहुत आवश्यक है। इस योजना के तहत इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के दिन प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत की गई थी।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने एमएमडीआर अधिनियम 1957 की धारा 20-A के तहत प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना को जारी करने के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत का जिक्र करते हुए राज्य सरकारों को दिशा निर्देश जारी किये तथा राज्यों को यह सुचना दी गई की डीएमएफ के लिए बनाये गए नियमों में इन्हें शामिल करे। इस योजना के तहत इस सभी कामों के लिए फंड खनिज फाउंडेशन से लिए जायेगा। जिसके तहत 60 % फंड का प्रयोग कौशल विकास तथा पर्यावरण विकास में किया जायेगा।

इस योजना के तहत फंड का निवेश निम्न योजनाओं में किया जायेगा। उन योजनाओं के नाम इस प्रकार है :-  

✶➤ इस योजना के तहत सबसे पहले निवेश किसानों के लिए सिंचाई के लिए किया जायेगा।

✶➤ इस योजना के तहत सड़कों तथा पुलों के निर्माण पर निवेश किया जायेगा।

✶➤ इस योजना के तहत फिर निवेश जल मार्ग परियोजनाओं पर किया जायेगा।

✶➤ इस योजना के तहत इसके बाद इस योजना का निवेश रेल आदि के लिए किया जायेगा।

✶➤ इस योजना के तहत अंत में निवेश वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के लिए किया जायेगा।

✶➤ इस योजना के तहत सरकार की यह लालसा है की खदान के आप पास रहने वाले नागरिकों के निचले जीवन स्तर में बेहतर सुधार आएं। जिनके तहत जंगली, आदिवासी तथा खनन प्रभावित इलाकों के नागरिक आते है।

✶➤ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत लगने वाला फंड खनिज फाउंडेशन्स के तहत अपने अपने इलाकों से आएगा। इस योजना के तहत सरकार द्वारा 12 जनवरी 2015 को केंद्रीय सरकार ने उन्नति तथा विनियमन संशोधन अधिनियम पारित किया है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने माइनर्स को पहले से ही नोटिस भेज दिया था। जिसमे यह बाते लिखी थी :-

✶➤ इस योजना के तहत जिन खनिकों ने पट्टा 12 जनवरी 2015 के बाद ली है वे रॉयल्टी पेमेंट से 10 % ज्यादा का भुगतान करेंगे।

✶➤ इस योजना के तहत जो खनिक 12 जनवरी 2015 के पहले से ही खनन गतिविधि के लिए लीज ले चुके है। वे जिला खनिज फाउंडेशन को दी जाने वाली रॉयल्टी पेमेंट से ज्यादा का भुगतान करेंगे जो की 30 % से ज्यादा होगा।

✶➤ इस योजना के तहत इसी तरह से मिले ज्यादा पेमेंट के तहत जिला खनिज फाउंडेशन अपने अपने जिलों में प्रधान मंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अनुसार उन्नति का काम करेंगे।

✿✹✿ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की विशेषताएं  ✿✹✿
✿✹✿ Features Of Prime Minister Mineral Area Welfare Plan ✿✹✿

✶➤ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत kaam के लिए कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट बेस पर लिए जायेगा। इस योजना में कर्मचारियों को स्थायी रोजगार की कोई संभावना नहीं है।

✶➤ इस योजना के तहत प्रत्येक काम राज्य सरकार द्वारा लागू नियमों के तहत प्रदान किये जायेंगे।

✶➤ इस योजना के तहत इस योजना की संकलन राशि की वरीयता राज्य तथा केंद्र सरकार द्वारा बनाई गयी वर्तमान में लागू कल्याण योजना के तहत होनी चाहियें।

✶➤ इस योजना के तहत लाभार्थियों तथा एजेंसियों को निवेश का हस्तांतरण सीधें बैंक अकाउंट में किया जायेगा।

✶➤ इस योजना के तहत फाउंडेशन की प्रत्येक वर्ष की प्राप्त राशि की 5 % तक की रकम जिसकी अधिकतम सीमा राज्य सरकार द्वारा तय की जाएगी।

✶➤ इस योजना के तहत ऐसे दो जिले जो खनन प्रभावित इलाकों में पड़ते है तथा जो ऐसी कल्याण योजना के लिए जो संचालन के जिले से बहार की जगह तथा नागरिकों से संबंधित है। जिसके तहत मार्ग दर्शन सिद्धान्तों में स्पष्ट नियमों का उल्लेख किये गए है।

✶➤ इस योजना के तहत जिलों के खनन फाउंडेशन के अकाउंट का हर साल हिसाब किताब की जांच की जाती है तथा इसको वार्षिक रिपोर्ट में इंकलूड किया जाता है।

✶➤ इस योजना के तहत जिलों के खनन फाउंडेशन के वित्त वर्ष के अंत के 3 महीनों के अंदर वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेगा तथा जिस रिपोर्ट को राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया जाना है तथा साथ ही साथ इसकी वेबसाइट पर भी जगह मिलनी चाहियें।

✿✹✿ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के उद्देश्य ✿✹✿
✿✹✿ Aim Of Prime Minister Mineral Sector Welfare Plan ✿✹✿

✶➤ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत इस योजना का अहम उद्देश्य स्थानीय नागरिकों के लिए रोज़गार के अवसर को बढ़ाना है।

✶➤ इस योजना के तहत खदान क्षेत्र की उन्नति के साथ साथ वहां के रहने वाले लोगों के कल्याण के लिए काम करना है।

✶➤ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत यह भी ध्यान रखना है की खनन के कारण वातावरण में जो हानि हो रही है। उस हानि से कैसे निपटा जाएँ तथा प्रदूषण को कम कैसे किया जाये। इस योजना के तहत खनन के काम से इलाके में होने वाले प्रदूषण को भी कम करना भी इस योजना का अहम उद्देश्य है।

इस योजना के तहत खनन क्षेत्रों में प्रभावित नागरिकों के लिए लंबे समय तक जीवन यापन सुनिश्चित करना, जीवन की गुणवत्ता में बेहतर सुधार सुनिश्चित करते हुए जीवन के प्रत्येक पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत स्वच्छता शिक्षा, महिला और बाल विकास, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, वरिष्ठ तथा विकलांगजनो का कल्याण तथा पीने के पानी की पूर्ति आदि सुविधाओं को उपलब्ध कराना।

✿✹✿ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के लाभार्थी ✿✹✿
✿✹✿ Beneficiaries Of Prime Minister Mineral Sector Welfare Scheme ✿✹✿

प्रधान मंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत प्रत्येक दुहराव को समाप्त करके इस योजना की निर्मल रूप से व्याख्या का उल्लेख किया है। जिनको तीन भागों में बाटा गया है तथा जिसके वे लाभार्थी है। वे भाग इस प्रकार है :-

??- प्रभावित समुदाय तथा नागरिक:-  

✶➤ इस योजना के तहत पुनर्वास एवं पुनः स्थापन, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 में उपयुक्त नुकसान भरपाई एवं पारदर्शिता के अधिकार के अंतर्गत विस्थापित परिवार तथा प्रभावित परिवार के रूप में चिन्हित ग्राम सभा तथा परिवार के परामर्श से चिन्हित अन्य परिवार इस योजना के लाभार्थी है।

??- प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित इलाकें:-

✶➤ इस योजना के तहत जहाँ उत्त्खनन, विस्फोटन, खनन, लाभकारी तथा बेकार निपटान आदि जैसे सीधे खनन संबंधित संचालन स्थापित है।

??- अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित इलाकें:-

✶➤ इस योजना के तहत जहाँ खनन संबंधित संचालन के वजह से आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरण दुष्परिणामों के कारण से स्थानीय जनसँख्या पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जिसके कारण वायु , जल तथा मृदा गुणवत्ता घटती जा रही है। जिसके तहत झरनों के बहाव में कमी आ सकती है तथा भू जल जैसे समस्याएं कम हो सकती है आदि।

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