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pcdapension.nic.in One Rank One Pension Plan-OROP Information वन रैंक वन पेंशन योजना की जानकारी

 

✿✤✿ वन रैंक वन पेंशन योजना की जानकारी ✿✤✿
✿✤✿ One Rank One Pension Plan Information ✿✤✿

वन रैंक वन पेंशन योजना सैन्य कर्मियों के लिए लाई गई योजना है। इस योजना के तहत भारतीय सशस्त्र सेवाओं के पेंशन तथा अन्य लाभ की गणना का आधार था। इस योजना को दोबारा सही तरीके से चालू करने के लिए 30 दिन तक आंदोलन चला।

इस आंदोलन में सैन्य कर्मियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे भी इस आंदोलन में साथ खड़े दिखाई देंगे। इस आंदोलन के लिए रिटायर्ड फ़ौजी अधिकारियों ने सरकार को नोटिस भी दिया है। इस योजना के तहत फौजियों का कहना है की अलग – अलग समय पर रिटायर्ड हुए एक की रैंक के दो फ़ौजी अधिकारियों की पेंशन की रकम में कोई अंतर न रहे।

फौजियों का कहना है की 2005 या 2006 से पहले के सैन्य अधिकारियों को कम पेंशन प्राप्त हो रही है तथा यहाँ तक की अपनी रैंक से कम वाले अफ़सर से भी कम।  इस योजना के तहत फौजियों का कहना है की यह अंतर इतना हो गया की जो फ़ौजी पहले से रिटायर्ड अफसरों की पेंशन बाद में रिटायर्ड हुए छोटे अफसरों से कम हो गई है।

इस योजना के तहत इस अंतर को ऐसे समझा जा सकता है जैसे 2006 से पहले रिटायर्ड हुए मेजर जर्नल की पेंशन 20 हज़ार रूपये है तथा जैसे आज कोई कर्नल रिटायर्ड होता है तो उसे पेंशन की राशि 25 हज़ार रूपये मिलती है तथा मेजर जर्नल एक कर्नल से दो रैंक से ऊपर का अफ़सर होता है।

इस योजना के तहत पेंशन का मामला केवल फौजियों तक ही सीमित नहीं है बल्कि हवलदार, सिपाही तथा नायक रैंक के फ़ौजी भी इसके शिकार हो रहे है। इस योजना के तहत  फौजियों द्वारा किया जाने वाला आंदोलन एक रैली के तहत भारत के लगभग 640 जिलों में से निकली जाएगी तथा इसके तहत बहुत शांति तथा समझदारी के साथ काम लिए जायेगा।

इस योजना के तहत यह आंदोलन अन्ना हज़ारे के साथ दिल्ली के राम लीला मैदान में किया जायेगा। वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत आंदोलन में एक रिटायर्ड फ़ौजी ने आत्महत्या भी कर ली थी। सरकार को अब इस योजना के बारे में सोचना चाहिए।

इस योजना के तहत इसके अलावा फौजियों या अन्य सिविल सेवा के कर्मियों के शारीरिक तथा मानसिक रूप से विकलांग बच्चों के विवाह के बाद भी पारिवारिक पेंशन जारी रहेगी तथा इसके अलावा और माँगे भी मान्य रहेंगी। इस योजना के तहत लगभग एक साल तक वन रैंक, वन पेंशन मामले पर पूर्व सैनिकों के आंदोलन तथा धरना प्रदर्शनों के पश्चात मोदी सरकार ने 6 सितम्बर 2015 को वन रैंक वन पेंशन का ऐलान कर दिया।

इस योजना के तहत 25 सितम्बर 2012 में नव भारत टाइम्स के तहत मंत्री मंडल ने रिटायर्ड कर्मियों के लिए वन रैंक, वन पेंशन योजना को संस्वीकृति दी थी लेकिन इसे इस योजना के तहत लागू नहीं किया गया था। इस योजना के तहत इसके लिए शुरू में ही 2500 करोड़ रूपये के अतिरिक्त पेंशन की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत उस समय लगभग 20 लाख कर्मियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद थी।

➤⇛➤ इस योजना के तहत रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मीटिंग करने के पश्चात प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सरकार की तरफ से अपनी बात रखी। जिसके तहत उन्होंने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में निम्न बाते कहीं :-

➤⇛➤ इस योजना के तहत सरकार ने वन रैंक वन पेंशन योजना को लागू करने का फैसला ले लिए है।

➤⇛➤ इस योजना के तहत यह पेंशन जुलाई 2014 से लागू की जाएगी तथा जो बकाया पेंशन है वो 4 किस्तों में देना का ऐलान किया है।

➤⇛➤ इस योजना के तहत पेंशन रिविसन की समय सीमा सरकार द्वारा 5 साल रखी गई है।  

➤⇛➤ इस योजना के तहत पूर्व रिटायरमेंट तथा VRS लेने वाले सैन्य कर्मियों को वन रैंक वन पेंशन के तहत लाभ नहीं मिलेगा।

➤⇛➤ इस योजना के तहत सैनिकों को विधवाओं को एक मुश्त पैसा दिया जायेगा।

➤⇛➤ इस योजना के तहत VRS के मामले को लेकर सरकार अभी भी विचार में है। इस के तहत एक कमेटी बनाई जाएगी जो छह महीने में फैसला सुनाएगी।

✿✤✿ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत लाभ ✿✤✿
✿✤✿ Benefits Of One Rank One Pension Scheme ✿✤✿

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत सभी सैन्य कर्मियों के मध्य पेंशन के अंतर को समाप्त कर दिया जायेगा।

➤⇛➤ इस योजना के तहत यह भी अहम् फैसला लिया गया की अगर किसी अधिकारी की मौत हो जाती है तो उस अधिकारी के परिवार को 30 % की जगह 60 % पेंशन दी जाएगी।

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन (One Rank-One Pension OROP) के तहत अगर किसी सेना कर्मी की संतान मानसिक रूप से कमजोर है तो वह अधिकारी शादी के बाद भी इस योजना का फायदा उठाते हुए पेंशन ले सकता है।

➤⇛➤ इस योजना के तहत जो कर्मचारी सिविल सर्विसेस में है वे कर्मचारी भी इस योजना का फायदा लेते हुए दोनों तरफ से पेंशन ले सकता है।

इस योजना के तहत फ़ौज में पेंशन के लिए हवलदार स्तर, सिपाही स्तर तथा नायक स्तर पर जनवरी 2006 से 2 साल पहले या 2 साल बाद रिटायर हुए लोगों को इसका पात्र बनाया गया तथा 2006 से पहले या बाद में रिटायर हुए ऑफिसर्स के स्थान में परिवर्तन कर इन्हें बहुत लाभ पहुँचाया गया जैसे कमिश्नर अधिकारी को न्यूनतम पे-बैड की जगह न्यूनतम पेंशन में डाला गया तथा जूनियर कमिश्नर, कमिश्नर तथा अधिकारियों फौजियों को न्यूनतम पे-बैड की जगह न्यूनतम फिटमेंट में डाला गया अथार्त इन्हें बहुत फायदा उपलब्ध कराया गया।

 

✿✤✿ वन रैंक वन पेंशन योजना का इतिहास ✿✤✿
✿✤✿ History of One Rank One Pension Scheme ✿✤✿

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत वर्ष 1973 तक सेना में यह पेंशन थी तथा उन्हें आम नागरिकों से ज्यादा तनख़्वाह मिलती थी।

➤⇛➤ इस योजना के तहत वर्ष 1973 में आये तीसरे वेतन आयोग ने सशस्त्र बलों की तनख़्वाह आम नागरिकों के बराबर कर दी है।

➤⇛➤ इस योजना के तहत सितम्बर 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इस योजना के तहत आगे बढ़ने का निर्देश दिया।

➤⇛➤ इस योजना के तहत मई 2010 में सेना पर बनी स्थिर समिति ने इस योजना को लागू करने की सिफारिश की।

➤⇛➤ इस योजना के तहत भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जो की बीजेपी के उम्मीदवार है उन्होंने सितम्बर 2013 में एक प्रचार के दौरान इस योजना को लागू करने का वादा किया था।

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत यूपीए सरकार ने फरवरी 2014 में इस योजना को लागू करने का फैसला लिया तथा इसी के साथ 500 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया।

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत मोदी सरकार ने जुलाई 2014 में इस योजना का मुद्दा उठाया तथा इसके तहत मोदी सरकार ने अलग से 1 हज़ार करोड़ रूपये रखने की बात कहीं।

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत फरवरी 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 3 महीने के भीतर इस योजना को लागू करने को कहा।

 

✿✤✿ वन रैंक वन पेंशन योजना में पक्ष तथा विपक्ष की दलीलें ✿✤✿
✿✤✿ Opposition Parties and Arguments of One Rank-One Pension Scheme OROP ✿✤✿

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत पक्ष तथा विपक्ष का कहना है की ये जो भी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही है। यह सुविधाएँ सिर्फ सेना को ही दी जाये क्योंकि सैन्य सेवाएं अन्य सेवाओं से मुश्किल होती है।

➤⇛➤ इस योजना के तहत दोनों पक्षों का कहना है की जो सैनिक रिटायर हो चुके है। उन सैनिकों के लिए दोबारा रोजगार पाने के अवसर उपलब्ध हो।

➤⇛➤ इस योजना के तहत उनका कहना है की ज्यादातर सैनिक 30 से 35 साल के बीच रिटायर हो जाते है।

➤⇛➤ इस योजना के तहत उनका कहना है की ब्रिगेडियर रैंक से नीचे के अधिकारी 58 साल की उम्र में रिटायर होते है तथा सभी आम सेवाओं में ये उम्र 60 साल है।

 

✿✤✿ वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने पर कितना होगा खर्च ✿✤✿
✿✤✿ How Much Govt Will Spend on One Rank One Pension Scheme-OROP ✿✤✿

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत वित्त मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक 2011 में 1 हज़ार करोड़ रूपये हर वर्ष खर्च होंगे।  

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत रक्षा मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक 2011 में 3 हज़ार करोड़ रूपये हर वर्ष खर्च होंगे।

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत रक्षा मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक 2014 में 9300 करोड़ रूपये वर्ष खर्च होंगे।

➤⇛➤ वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत रक्षा राज्य मंत्री के अनुमान के मुताबिक 2015 में 7500 से 10 हज़ार करोड़ रूपये वर्ष खर्च होंगे।  

✿✤✿ वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने में क्या है समस्याएं ✿✤✿
✿✤✿ Problems in One Rank One Pension Scheme ✿✤✿

वन रैंक वन पेंशन योजना को लागू करने में अनेको तरह की समस्याएं है। इस योजना को लागू करने में सबसे बड़ी समस्या भारत सरकार के राजस्व के ऊपर पड़ने वाला आर्थिक बोझ है।

वन रैंक वन पेंशन योजना को लागू करने के तहत शुरुआत में ही 8600 करोड़ रूपये की आवश्यकता होगी तथा इस योजना के बिना सैनिकों के पेंशन का राजस्व 54 हज़ार 500 करोड़ रूपये है। परंतु इस योजना के कार्यान्वयन के लिए बड़े प्रशासनिक  ढांचे की आवश्यकता है।

इस योजना के तहत इस योजना के लिए बड़ी मात्रा में वितीय तथा मानव संसाधन की आवश्यकता होगी।

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