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[PKVY] परंपरागत कृषि विकास योजना ऑनलाइन पंजीयन 2020

Paramparagat Krishi Vikas Yojana Panjiyan 2020 | Check PKVY Guideline & Online Registration In Hindi | पीकेवीवाई गाइडलाइन्स- परंपरागत कृषि और आधुनिकीकरण

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Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2020: नमस्कार मित्रों, जैसा की जानते ही हो की हमारा भारत देश कृषि प्रधान देश है। हमारे देश मे कृषि का व्याप पहले से ही ज्यादा रहा है। देश मे आने वाली प्रत्येक सरकार हर साल कृषि के लिए कोई न कोई योजना का निर्माण करती है। निर्माण की गई योजनाओ का लक्ष्य कृषि के स्तर मे सुधार लाना होता है। आज हम अपने इस आर्टिकल में एक ऐसी योजना “परंपरागत कृषि विकास योजना” की जानकारी लेके आएं हैं। केंद्र सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए “Paramparagat Krishi Vikas Yojana” शुरू की गयी है। इस योजना का संचालन वर्ष 2015 में किया गया है। योजना को शुरू करने का उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के मिश्रण से जैविक कृषि के मॉडल को विकसित करना है। जिससे मिटटी की उर्वरा शक्ति लम्बे समय तक बनी रहे।

PKVY Yojna के तहत किसानो को जैविक खेती के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। वित्तीय अनुदान किसानों को सामूहिक दृष्टिकोण और पीजीएस प्रमाणन प्रणाली के आधार पर प्रदान किया जाएगा। भागीदारी गारेंटी प्रणाली (PGS) के माध्यम से फसलों के आर्गेनिक होने की जाँच की जायेगी। किसानों को जैविक खेती के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए 500 से 1000 हेक्टेअर भूमि पर 20 से 50 किसान सदस्यों का एक समूह बनाना होगा। किसानो के एक समूह को अधिकतम 10 लाख रुपये का वित्तीय अनुदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पीजीएस सर्टिफिकेशन के लिए 4.95 लाख रुपये प्रदान किया जाएगा। पीकेवीवाई योजना की विस्तृत जानकारी के लिए यह आर्टिकल अंत तक पढ़ें।

परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) क्या है?

Paramparagat Krishi Vikas Yojana Details – पीकेवीवाई योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना का आशय किसानो का स्वास्थ्य और जमीन की गुणवातता को कायम रखना होगा। परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देते हुये किसानो को प्रशिक्षित और सहायता करेगी। इस योजना के माध्यम से सरकार ध्वारा किसानो को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार किसानो को इस योजना के तहत परंपरागत तरीको से कृषि करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे उन्हे रसायन मुक्त खेत उपज मिले और साथ ही जमीन की गुणवत्ता को भी सुधारा जा सके। नीचे पीकेवीवाई गाइडलाइन्स- परंपरागत कृषि और आधुनिकीकरण की जानकारी देखें:

योजना का नाम परम्परागत कृषि विकास योजना
लांच किया गया 2015 में
किसने लांच किया केंद्र सरकार द्वारा
योजना का उदेश्य  जैविक खेती को बढ़ावा देना
लाभ मिटटी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी
आधिकारिक वेबसाइट pgsindia-ncof.gov.in 
PKVY परम्परागत कृषि विकास योजना की विशेषताएं-

Features of Paramparagat Krishi Vikas Yojana – परम्परागत कृषि विकास योजना की विशेषताएं निम्नलिखित हैं।

  • PKVY Yojna के अंतर्गत जो हमारे देश के किसानों है वह और भी जैविक खेती करने के लिए प्रेरित होंगे।
  • इस योजना के अंतर्गत 50 से ज्यादा किसान जैविक खेती करने के लिए 50 एकड़ जमीन वाले समूह का निर्माण करेंगे और इसी तरह 5.0 लाख एकर क्षेत्र को कवर करने वाले 3 वर्षों के दौरान 10,000 समूह जैविक खेती के अंतर्गत बनाए जाएंगे।
  • पीकेवीवाई योजना के अंतर्गत प्रमाणन पर खर्च के लिए किसानों पर कोई खर्च नहीं होगा।
  • हर एक किसान को 3 वर्ष में बीज के लिए, फसलों की कटाई और बाजार में उपज परिवहन के लिए 20,000 रुपये प्रति एकर प्रोवाइड किये जाऐंगे।
  • इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक संसाधनों का उपयोग किया जाएगा और इसके साथ साथ जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा दिया जाएगा और जैविक उत्पादों को बाजार से जोड़ा जाएगा।
  • यह किसानों को जोड़के करके जैविक उत्पादन के घरेलू उत्पादन और प्रमाणीकरण में वृद्धि करेगा।

इसे भी पढ़ें: Kisan eNAM Portal – राष्ट्रीय कृषि बाजार ऑनलाइन पंजीकरण

परंपरागत कृषि विकास योजना का मुख्य उद्देश्य-

Main Objective of Paramparagat Krishi Vikas Yojana – परंपरागत कृषि विकास योजना के निम्नलिखित उदेश्य हैं।

  • जैविक कृषि को बढ़ावा देना है, जिससे रासायनिक खाद्य, कीटनाशक से होने वाले बीमारियों किसानो की सेहत की सुरक्षा हो सके। इसके साथ हीं मिटटी की उपजाऊ शक्ति को नष्ट होने से बचाया जा सके।
  • परम्परागत और वैज्ञानिक विधि के मिश्रण से तैयार कृषि मॉडल पर आधारित खेती की जानकारी से किसानो को अवगत करवाना है। जिससे किसान कम कृषि लागत में ज्यादा फसल पैदा करके अपनी आय को बढ़ाने में सफल हो सके।
  • मानव उपभोग के लिए रसायन मुक्त एवं पौष्टिक फसल का उत्पादन हो सके।
  • पर्यावरण को हानिकारक कार्बनिक रसायनों से मुक्त करने के लिए जैविक खेती को प्रोत्साहन देना है।
  • किसानो को समूह आधार पर स्थानीय और राष्ट्रीय बाजार से जोड़कर किसानो को उधमी बनाना।
  • पीजिएस प्रणाली के माध्यम से फसलो की प्रमाणीकरण की सुविधा किसानों को उपलब्ध करवाना है।

पीकेवीवाई ऑनलाइन पंजीयन: PKVY Online Registration

परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती-

Organic Farming under Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY):

  1. ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए समर्पित जैविक खेती पोर्टल  नॉलेज प्लेटफॉर्म के साथ-साथ मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के लिए तैयार किया गया है।
  2. इस पोर्टल पर जैविक खेती, इनपुट आपूर्तिकर्ता, प्रमाणन एजेंसी (पीजीएस), और विपणन एजेंसियों में शामिल किसानों का विवरण उत्पादन से विपणन तक के सभी कार्यों की सुविधा उपलब्ध है।
  3. पीकेवीवाई / पीजीएस समूह क्षमता निर्माण, तकनीकी जानकारी, विपणन चैनलों / अन्य समूहों के साथ संचार और संभावित उत्पादकों और उपभोक्ताओं को उनकी उपज का प्रत्यक्ष विपणन के लिए किसान इस पोर्टल के माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY Guidelines PDF): यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री द्वारा शुरू योजनाओं की सूची 2019-20 PDF

दोस्तों, आशा करते हैं की आपको हमारा आर्टिकल “परंपरागत कृषि विकास योजना 2020 (Paramparagat Krishi Vikas Yojana- PKVY)” पसंद आया होगा! यदि आपको इससे जुडी कोई अन्य जानकारी या कोई सवाल हमसे पूछने हों। तो आप नीचे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हो। हम जल्द से जल्द आपकी सहायता करेंगे और अन्य सभी सरकारी योजनाओं व प्रक्रियाओं की सबसे पहले जानकारी पाने के लिए हमारी वेबसाइट www.readermaster.com के साथ जुड़े रहें। धन्यवाद-

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