वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर स्लैब और दरें: जाने पूरी जानकारी

New Income Tax Slabs & Rates 2020-21 | Check Income-Tax Slab & New Rate For FY 2020 Calculator In Hindi | नवीनतम आयकर स्लैब और दरें की जाँच करें

Check-New-Income-Tax-Slabs-Rates-In-Hindi
Check-New-Income-Tax-Slabs-Rates-In-Hindi

New Income Tax Slabs & Rates 2020-21: नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारत में व्यक्तियों, कंपनी, एनआरआई, एचयूएफ, बीओआई, एओपी, एलएलपी, स्थानीय प्राधिकरण, सहकारी समिति के लिए अद्यतन “नवीनतम आयकर स्लैब” दरों की पूरी जानकारी लेके आएं हैं। जैसा की आप सभी जानतें ही हैं की वर्ष 2020-21 का बजट सरकार द्वारा पेश किया गया है। इसमें सरकार ने उम्मीद के मुताबिक ही मध्यम वर्ग के करदाताओं को बड़ी राहत दी है। नए स्लैब की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 5-7.5 लाख रुपये की सालाना आय पर अब मात्र 10 फीसदी कर का भुगतान करना होगा।

FY 2020-21 New Income Tax Slabs में सबसे ज्यादा भ्रम टैक्स प्रस्तावों को लेकर है। अभी भी इस बारे में कई तरह के कन्फ्यूजन है, कि नया टैक्स स्लैब चुनना बेहतर या पुराना? क्या अब डिडक्शन का लाभ मिलेगा या नहीं? अगर नया सिस्टम अपना लिया तो पुराने में वापस जा सकते हैं या नहीं। नई टैक्स व्यवस्था करदाताओं के लिए वैकल्पिक होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स सिस्टम को आसान और सरल बनाने के लिए 100 से अधिक इनकम टैक्स डिडक्शंस और छूट में से करीब 70 को खत्म कर दिया गया है। नवीनतम आयकर स्लैब दरों की अन्य जानकारी के लिए इस आर्टिकल को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें।

Latest Update – कोरोना राहत पैकेज की दूसरी किस्त जारी: जानिए किसे क्या मिलेगा

नए आयकर स्लैब और दरें की जाँच करें

New Income Tax Slabs & Rates – आयकर स्लैब की जाँच करने से पहले हमे इसके बारे में अन्य जानकारी पता होनी चाहिए। जैसे:

  • भारत में आयकर स्लैब का क्या अर्थ है?

भारत में, हमारे पास कराधान का एक प्रगतिशील तरीका है, यानी उच्च आय उच्च कर देय है। भारत में एक ही कराधान को निर्धारित करने के लिए आयकर स्लैब के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जिसे कर विभाग द्वारा परिभाषित किया जाता है। New Income Tax Slabs की प्रयोज्यता विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है जैसे – आवासीय स्थिति, आय की मात्रा, निर्धारिती का प्रकार और आयु।

  • आयकर का नया नियम क्या है?

बजट 2020 में कर विभाग ने नई धारा 115BAC की प्रविष्टि के माध्यम से नई कर व्यवस्था की अवधारणा पेश की है। वित्त वर्ष 2020-21 से व्यक्तिगत और एचयूएफ के पास नए और पुराने कर शासन के बीच चयन करने का विकल्प होगा। दोनों शासन में अलग-अलग कटौती / छूट के साथ अलग-अलग कर स्लैब और दरें हैं। उपयोगकर्ताओं की समझ के लिए, हमने इस पृष्ठ पर नए और पुराने शासन के तहत आयकर स्लैब का एक तुलनात्मक चार्ट दिया है।

Income Tax Slab for New FY 2020-21 New Tax Rate Existing Tax Rate
Upto Rs 2.5 Lakhs Exempt Exempt
Rs 2.5 – Rs 5 Lakhs 5% 5% 
Rs 5 – Rs 7.5 Lakhs 10% 20%
Rs 7.5 – Rs 10 Lakhs 15% 20%
Rs 10 – Rs 12.5 Lakhs  20% 30%
Rs 12.5 – Rs 15 Lakhs       25% 30%
Above Rs 15 Lakhs 30% 30%
आयकर स्लैब 2020-21 की जानकारी-

Income Tax Slabs 2020-21 Details – वित्त मंत्री ने कहा जिस व्यक्ति की सालाना आय 15 लाख रुपये है और वह किसी तरह के डिडक्शंस का लाभ नहीं ले रहा है, उन्हें सालाना 2.73 लाख रुपये की जगह अब 1.95 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। पुराने टैक्स स्लैब में 5-10 लाख रुपये के टैक्स स्लैब पर 20 फीसदी, जबकि 20 लाख रुपये से दो करोड़ रुपये की सालाना कमाई वाले को 30 फीसदी कर का भुगतान करना पड़ता था। वहीं, 2 करोड़ से अधिक कमाई वाले व्यक्ति को 35 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होता था।इनकम टैक्स के पुराने स्लैब की तरह अब भी 2.5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ेेगा और 2.5 से 5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसद कर का भुगतान करना होगा।

इसे भी पढ़ें: किसान कृषि उड़ान योजना ऑनलाइन आवेदन व पंजीकरण

नवीनतम आयकर स्लैब दरों से हटाए गए लाभ-

Benefits Removed from New Income Tax Slabs Rates – यदि आप नए बजट में घोषित किए गए नए स्लैब दरों से चलते हैं, तो आप निम्नलिखित कर लाभों का दावा करने के पात्र नहीं होंगे।

  • धारा 10 के खंड (5) में निहित यात्रा रियायत छोड़ दें।
  • मकान किराया भत्ता धारा 10 के खंड (13 ए) में निहित है।
  • धारा 10 के खंड (14) में निहित भत्ते में से कुछ।
  • रुपये की मानक कटौती। 50,000 यू / एस 16
  • धारा 16 में निहित रोजगार / पेशेवर कर कटौती।
  • Section 23 की उप-धारा (2) में निर्दिष्ट स्व-कब्जे वाली या खाली संपत्ति के संबंध में धारा 24 के तहत ब्याज।
  • किराए के मकान के लिए घर की संपत्ति से सिर की आय के तहत नुकसान किसी अन्य सिर के नीचे स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। और मौजूदा कानून के अनुसार आगे ले जाने की अनुमति दी जाएगी।
  • अध्याय VI-A के तहत कोई कटौती; [80 सीसीडी (2) को छोड़कर – नियोक्ता द्वारा एनपीएस योगदान]
  • दूसरों के रूप में निर्धारित

Note – ध्यान दें!!! विकल्प का उपयोग प्रत्येक पिछले वर्ष के लिए किया जाएगा, जहां व्यक्तिगत या एचयूएफ की कोई व्यावसायिक आय नहीं है, और अन्य मामलों में पिछले वर्ष के लिए एक बार अभ्यास करने का विकल्प उस पिछले वर्ष और उसके बाद के सभी वर्षों के लिए मान्य होगा।

इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी पोषण अभियान 2020 की पूरी जानकारी

60 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों के लिए आयकर स्लैब (पुरुष और महिला दोनों)-

Income Tax Slabs for Resident Individuals aged less than 60 Years (Both Male & Female) – बजट 2020 ने व्यक्तियों को वित्त वर्ष 2020-21 से चुनने का विकल्प दिया है। या तो उन्हीं कर दरों का विकल्प चुनें जो पिछले साल या नई कर व्यवस्था में लागू करें ।

OPTION 1 OPTION 2
Old Income Tax Slabs New Tax Regime
Upto Rs 2,50,000 NIL Upto Rs 2,50,000 NIL
Rs 2,50,001 – Rs 5,00,000 5% Rs 2,50,001 – Rs 5,00,000 5%
Rs 5,00,001 – Rs 10,00,000 20% Rs 5,00,001 – Rs 7,50,000 10%
Rs 7,50,001 – Rs 10,00,000 15%
Above Rs 10,00,000 30% Rs 10,00,001 – Rs 12,50,000 20%
Rs 12,50,001 – Rs 15,00,000 25%
Above Rs 15,00,000 30%
नए आयकर स्लैब में आने के बाद क्या फिर पुराने में लौटा जा सकता है?

New Income Tax Slabs Policy – जी हां, कोई व्यक्ति अगर अगले वित्त वर्ष में नया टैक्स स्लैब चुनता है, और फिर उसके अगले साल उसे लगता है कि उसके लिए पिछला टैक्स स्लैब चुनना ही बेहतर है तो वह फिर से वापस पुराने स्लैब में जा सकता है। लेकिन इसमें शर्त यह है कि ऐसे व्यक्ति की नौकरी के अलावा बिजनेस आदि की कोई आय नहीं होनी चाहिए। एक्सपर्ट कहते हैं कि असल में अगर किसी साल किसी व्यक्ति का होम लोन या अन्य निवेश है तो आपको पुराने टैक्स सिस्टम में रहना बेहतर है और अगर किसी साल उसे लगता है कि उस साल उसका होम लोन या कोई अन्य प्रमुख निवेश नहीं है, तो उसे फिर से नए स्लैब को अपना लेना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: Vivad Se Vishwas – विवाद से विश्वास योजना के लाभ एवं उद्देश्य

नई टैक्स व्यवस्था में क्या-क्या डिडक्शन बचे हैं?

Deductions in the New Tax System – नए टैक्स स्लैब की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें ज्यादातर डिडक्शन खत्म कर दिए गए हैं। खत्म किए गए करीब 70 डिडक्शन ऐसे हैं जिनमें निवेश कर ज्यादातर लोग टैक्स का लाभ उठाते रहे हैं। इनमें सेक्शन 80 सी, 80 डी के तहत मिलने वाले सभी डिडक्शन शामिल हैं। नई टैक्स व्यवस्था में फिलहाल ये गिनी-चुनी रियायतें मिलती रहेंगी, जो निम्न प्रकार से हैं:

  • डेथ-कम रिटायरमेंट बेनेफिट,
  • पेंशन,
  • रिटायरमेंट पर छुट्टियों के बदले कैश,
  • 5 लाख रुपये तक वीआरएस अमाउंट,
  • ईपीएफ फंड निकासी,
  • शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप पर मिली धनराशि,
  • सार्वजनिक हित में किए गए किसी कार्य के लिए सम्मान के तौर पर मिली धनराशि,
  • नेशनल पेंशन स्कीम के तहत छोटी अवधि वाली निकासी और मैच्योरिटी अमाउंट।

अधिक जानकारी के लिए => यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें: Budget 2020-21 केंद्रीय बजट में किसानों के लिए योजनाएं

प्यारे दोस्तों, आशा करते हैं की आपको हमारे द्वारा दी गयी “वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर स्लैब और दरें (Check New Income Tax Slabs & Rates 2020-21)” की जानकारी पसंद आयी होगी। तो इसे अपने सभी जानने वालों को शेयर करना न भूले। यदि आपको इससे संबंधित कोई अन्य जानकारी प्राप्त करनी हो तो आप नीचे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। अन्य सभी सरकारी योजनाओं व प्रक्रियाओं की सबसे पहले जानकारी पाने हेतु हमारी वेबसाइट www.readermaster.com के साथ जुड़े रहें। धन्यवाद-

Leave A Reply

Your email address will not be published.