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[एप्लीकेशन] लघु सिंचाई योजना उत्तर प्रदेश | एग्रीकल्चरल इन्जीनियरिंग विभाग | Minor Irrigation Scheme Uttar Pradesh | Laghu Sinchai Yojana Uttar Pradesh UP Dept of Agricultural Engineering | Free Boring Machine Nal-Koop-Tube Well Yojana Avedan

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लघु सिंचाई योजना उत्तर प्रदेश (Minor Irrigation Scheme Uttar Pradesh) – Laghu Sinchai Yojana Uttar Pradesh

मेरे प्यारे दोस्तों आप लोगों को ये जाकर ख़ुशी होगी कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के किसानों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना का संचालन कर रही है। इस योजना का नाम “लघु सिंचाई विभाग योजना (Laghu Sinchai Yojana Uttar Pradesh)” रखा गया हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों का कर्ज माफ करके किसानो को काफी राहत पहुंचाई है। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के किसानों को अपने खेतों में सिंचाई करने के लिए लघु सिंचाई योजना प्रदान की है।

उत्तर प्रदेश में लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए यह योजना 1985 में संचालित की गयी। यह विभाग की फ्लैगशिप योजना (Flagship Scheme) है। “लघु सिंचाई योजना (Laghu Sinchai Yojana)” का मुख्य उद्देश्य राज्य के गरीब किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है। इस योजना के तहत राज्य के गरीब किसानों को फ्री में बोरिंग उपलब्ध कराई जाती है। खेतों में सिंचाई के लिए बोरिंग कराने का पूरा खर्चा सरकार उठाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करके राज्य का कोई भी किसान अपने खेत में फ्री बोरिंग (Free Boring) करा सकता हैं और इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता हैं। 

राज्य में सूखे की बार-बार पड़ने वाली आपदा से निपटने के लिए 19वी शताब्दी के उत्तरार्द्ध में सिंचाई के विकास के महत्व को समझा जाने लगा था। वर्ष 1897-98 एवं 1899-1900 में पड़े भयंकर सूखों में सिंचाई के नियोजित एवं त्वरित विकास ने महती भूमिका निभायी। वर्ष 1901 में गठित प्रथम इरीगेशन कमीशन (First Commissioning Commission) को देश में सूखे के विरूद्ध निपटने में सिंचाई के क्षेत्र में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का कार्य सौंपा गया। कमीशन द्वारा निजी सिंचाई साधनों के विकास हेतु कतिपय सुझाव दिये गये। वर्ष 1939 में शासन द्वारा कृषि पुनर्गठन (Agricultural Reorganization) समिति गठित की गयी, जिसने वर्ष 1941 में अपनी रिपोर्ट दी।

इस के अलावा जल उठाने के साधन / मशीनरी, छोटी बोरिंग, नलकूप, कूप छेदकों की ट्रेनिंग आदि के सम्बन्ध में कतिपय अनुशंसायें की गयी थी। उपरोक्त संस्तुतियों को वर्ष 1947 में मुख्य कृषि अभियन्ता के अधीन कार्यान्वित किया गया। सिंचाई का कार्य प्रदेश को तीन जोन में बांटकर कराया गया, जिसके मुख्यालय मेरठ, कानपुर तथा वाराणसी बनाये गये। इस प्रकार निजी नलकूपों हेतु बोरिंग का कार्य पहले एग्रीकल्चरल इन्जीनियरिंग विभाग (Department of Agricultural Engineering) के माध्यम से किया जाता था।

प्रथम जुलाई 1954 को इस विभाग को नियोजन विभाग (Planning Department) से सम्बद्ध किया गया, तत्पश्चात् वर्ष 1964 में शासनादेश सं0 5819/38-8-517/1964 दिनांक 08.10.1964 द्वारा आयुक्त कृषि उत्पादन एवं ग्राम्य विकास की देख-रेख में लघु सिंचाई विभाग की स्थापना की गयी। दोस्तों इस योजना के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हो। लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि इस योजना में ऑनलाइन आवेदन (Online Application) कैसे करते है? इस योजना के क्या लाभ प्राप्त होंगे ? तो आप लोगों को परेशान होने की जरुरत नहीं हैं। क्योंकि इस योजना के बारे में पूरी जानकारी हम आपको अपने इस आर्टिकल में देंगे। कृपया हमारे इस आर्टिकल (Artical) को ध्यान पूर्वक पढ़ते रहे।

लघु सिंचाई विभाग योजना के उद्देश्य – Minor Irrigation Department Objectives of the Scheme

  1.  “लघु सिंचाई विभाग योजना (Laghu Sinchai Yojana Uttar Pradesh)” का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन में वृद्धि करने हेतु किसानों के लिए निजी सिंचाई साधनों (Private Irrigation Tools) का निर्माण कर के उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे राज्य के हर खेत में सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके तथा राज्य के किसान अधिक से अधिक खाद्यान्न उत्पादन (Food Production) करके राज्य व देश के आर्थिक विकास में योगदान दे सकें।
  2. ऊपर दिए गए उद्देश्य को पूरा करने के लिए लघु सिंचाई विभाग ने राज्य के किसानों को निजी लघु सिंचाई संसाधनों के विकास हेतु अनुदान की सुविधाऐं प्रदान की है, तथा तकनीकी मार्ग-निर्देशन (Technical Guidance) दिया जाता है।
  3. उत्तर प्रदेश राज्य विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभाग द्वारा प्रदत्त अनुदान उत्प्रेरक (Grants Provided Catalyst) का कार्य करता है, और लघु सिंचाई साधनों के निर्माण के लिए स्वयं का निवेश करने हेतु कृषकों को प्रेरित करता है।
  4. प्रदेश में गहराते भूजल संकट को देखते हुए दृष्टिगत विभाग वर्षा जल संचयन, सतही जल के इष्टतम उपभोग एंव जल संरक्षण की विधाओं को प्रोत्साहित कर भूजल संर्वधन हेतु प्रयासरत है।

लघु सिंचाई विभाग योजना के तहत मिलने वाला अनुदान (Grants under scheme of Minor Irrigation Department):-

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के अंतर्गत राज्य के किसानों के लिए जाति के अनुसार अनुदान राशि निर्धारित की हैं। जिसका विवरण नीचे दिया गया हैं।

@- सामान्य जाति के किसानों (Farmers of General Caste) हेतु अनुदान राशि :-

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लघु सिंचाई योजना (Laghu Sinchai Yojana) के अंतर्गत सामान्य श्रेणी के लघु और सीमांत किसानों के लिए अधिकतम अनुदान राशि 5000 व 7000 रूपये निर्धारित की है। सामान्य श्रेणी के लाभार्थी किसानों के लिए जोत सीमा 0.2 हेक्टेयर भी निर्धारित की गई है। इसके अलावा सामान्य जाति के किसानों के लिए पंप सेट स्थापित करना भी अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद अगर कोई किसान पंप सेट खरीद कर लगता हैं तो लघु सीमान्त किसानों को अधिकतम 4000 रूपये और सीमांत किसानों को 6000 रूपये की अनुदान राशि मान्य होगी।

@- अनुसूचित जाति एवं जनजाति किसानों (Scheduled Castes and Scheduled Tribes) हेतु अनुदान राशि :-

उत्तर प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों के लिए लघु सिंचाई योजना के तहत पंप सेट उपलब्ध कराने के लिए अधिकतम 10000 हजार रूपये की अनुदान राशि निर्धारित की है। राज्य सरकार ने इस जाति वर्ग के किसानों के लिए कोई न्यूनतम जोत सीमा और पंपसेट लगाने के लिए कोई बाध्यता निर्धारित नहीं की है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों के लिए 10000 हजार रूपये की धन राशि के अलावा रिफ्लेक्स, वाल्व, डिलीवरी, पाइप, बेंड सामग्री (Reflex, Valve, Delivery, Pipe, Bend Material) उपलब्ध कराने की भी अतिरिक्त व्यवस्था प्रदान की है। इन किसानों को पम्पसेट स्थापित करने पर अधिकतम 9000 हजार रूपये का अनुदान राशि मान्य है।

@- एचडीपीई पाइप (HDPI Pipe) हेतु अनुदान राशि :-

राज्य सरकार प्रदेश के गरीब किसानों के लिए एचडीपीई पाइप हेतु भी अनुदान राशि प्रदान करती है। प्रदेश सरकार वर्ष 2012 – 13 से प्रदेश में जल के अपव्यय को रोकने के लिए तथा सिंचाई क्षमता में वृद्धि करने के लिए कुल 25% लाभार्थी किसानों को 90 mm साइज व 07 मीटर एचडीपीई पाइप (HDPI Pipe) लगाने के लिए 3000 हजार रूपये की अनुदान राशि भी प्रदान की है। राज्य में किसानों की मांग को देखते हुए शासनादेश संख्या-955/62-2-2012 दिनांक 22 मार्च 2016 से 110 mm साईज के एचडीपीई पाइप लगाने हेतु मान्यता प्रदान कर दी हैं।

@- किसानों को पंपसेट खरीदने हेतु अनुदान राशि :-

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के किसानों को पंप सेट खरीदने के लिए भी अनुदान राशि प्रदान करती है। “उत्तर प्रदेश मुफ्त बोरिंग योजना (Free Boring Scheme UP)” के तहत नाबार्ड (Nabard) द्वारा विभिन्न अश्वशक्ति के पंपसेट (Hp Pumpset) खरीदने के लिए भी सरकार ने ऋण सीमा निर्धारित की है। इन पम्पों को खरीदने हेतु बैंकों से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गयी हैं। राज्य में पुरे जिलों के अंतर्गत रजिस्टर्ड (Registered) पंपसेट डीलरों से नगद पंपसेट खरीदने की भी व्यवस्था की गई है। इस प्रकार इन दोनों विकल्पों में से कोई भी एक विकल्प को अपना कर किसान आई एस आई मार्क (ISI Mark) के पंप सेट खरीदने के अनुदान राशि मान्य हैं।

उत्तर प्रदेश लघु सिंचाई योजना के लिए योग्यता (Eligibility for Uttar Pradesh Minor Irrigation Scheme):-

उत्तर प्रदेश राज्य में लघु सिंचाई योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए राज्य के किसानों को नीचे दिए गए मापदंडों का पालन करना होगा। जो इस प्रकार से हैं।

  • इस योजना का लाभप्राप्त करने के लिए किसानों को उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना अनिवार्य हैं।
  • लघु सिंचाई योजना (Laghu Sinchai Yojana) का लाभ प्राप्त करने के लिए केवल लघु और सीमांत किसान ही आवेदन कर सकते है |
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सामान्य वर्ग श्रेणी के किसानों के पास 0.2 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए, तभी वह इस योजना के लिए योग्य माने जाएंगे।
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

उत्तर प्रदेश लघु सिंचाई योजनायें (Uttar Pradesh Minor Irrigation Schemes):-

दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपने राज्य में कई सिंचाई योजनाओं को लागू किया हैं, जिनका आप लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इनका विवरण नीचे किया गया हैं।

  1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
  2. गहरे नलकूप योजना
  3. डॉ राम मनोहर लोहिया नलकूप योजना
  4. इनवेलरिंग मशीन बोरिंग योजना
  5. सतह पम्पसेट योजना
  6. वर्षा जल संचय एवं चेकडैम निर्माण योजना
  7. ब्लास्ट कूप निर्माण योजना

लघु सिंचाई योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन –  Online Application for Minor Irrigation Scheme

  • प्यारे किसान भाइयों यदि आप “लघु सिंचाई योजना उत्तर प्रदेश (Laghu Sinchai Yojana UP)” के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आपको राज्य की ऑफिसियल वेबसाइट (Official Website) के लिंक पर क्लिक करना होगा।

यहाँ क्लिक करें >>> Click Here 

  • इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको “लघु सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश (Minor Irrigation Department Uttar Pradesh)” का पेज दिखाई देगा।

  • इस पेज पर आपको लघु सिंचाई योजना के लिए आवेदन फॉर्म डाउनलोड (Application Form Download) करना होगा। आवेदन फॉर्म डाउनलोड करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

यहाँ क्लिक करें >>> Click Here

  • फॉर्म डाउनलोड करने के बाद उसमें पूछी गयी सभी जानकारियों को ध्यान पूर्वक दर्ज करें। 

आवेदन फॉर्म भरने के बाद सबमिट बटन (Submit Button) पर क्लिक करें। इस तरह आप योजना के लिए आवेदन कर सकते हो। 

लघु सिंचाई योजना उत्तर प्रदेश सम्पर्क नंबर (Minor Irrigation Scheme Uttar Pradesh Contact Number) :-

  • कार्यालय का पता – मुख्य अभियंता, लघु सिंचाई विभाग, तृतीय तल, उत्तर विंग, जवाहर भवन, लखनऊ
  • पिन कोड (Pin Code) – 226001
  • फोन नंबर (Phone Number) – 2286627, 2286601, 2286670
  • फैक्स नंबर (Fax Number) – 2286932
  • ईमेल (E-mail) – milu-up@nic.in
दोस्तों आशा करता हूँ आप लोगों को “लघु सिंचाई योजना उत्तर प्रदेश (Laghu Sinchai Yojana Uttar Pradesh)” के बारे में दी गयी जानकारी अवश्य पसंद आएगी। इस विषय में यदि आप कोई प्रश्न (Ask Question) पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स (Comment Box) में जाकर पूछ सकते हो। हमारे द्वारा आप के प्रश्नों का अवश्य जवाब दिया जायेगा। 
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