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मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005-MANERGA Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 के बारें में विस्तृत जानकारी (Information about the National Rural Employment Guarantee Act 2005)

राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम 2005 योजना का शुभारंभ 25 अगस्त 2005 को भारत सरकार व ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम योजना को 2 फरवरी 2006 को लागू किया गया।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक वर्ष में किसी भी ग्रामीण परिवार के सभी व्यक्तियों को 100 दिन का रोज़गार उपलब्ध करना है जिसमें व्यक्ति दिन प्रतिदिन 220 रूपये की न्यूनतम मजदूरी पर कार्य संबंधित बेहतर मजदूरी करने के लिए उपस्थित रहते हैं। केंद्र सरकार का वित्तीय साल 2010 -11 में इस योजना की लागत 40 हज़ार करोड़ रूपये थी। इस योजना को अनेको चरणों में लागू किया गया।

इस योजना को प्रथम चरण में सबसे पिछड़े 200 जिलों में लागू किया गया। दूसरे चरण में इस योजना का शुभारंभ 1 अप्रैल 2007 को 130 जिलों में लागू किया गया। इसके बाद इस योजना को 1 अप्रैल 2008 में भारत के सभी जिलों में लागू किया गया।

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 के दौरान अंतिम साल में इस योजना के तहत लगभग 4,49,40,870 ग्रामीण परिवारों को इस अधिनियम के अंतर्गत रोज़गार मौजूद कराए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम 2005 योजना का नाम बदलकर “महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम” कर दिया गया।

इस योजना का नाम 2 अक्टूबर 2009 को गांधी जयंती के दौरान बदला गया था। इस योजना को हम मनरेगा (MNREGA) भी कह सकते है। मनरेगा योजना का अहम उद्देश्य बेरोजगार व्यक्तियों को रोज़गार उपलब्ध कराना है तथा रोज़गार के अवसर को बढ़ाना है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के उद्देश्य (The purpose of the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act)

✪➤ मनरेगा योजना के तहत रजिस्ट्रेशन ऑफ़िस पूरे साल खुला रहेगा।

✪➤ इस योजना के अंतर्गत रोज़गार की गारंटी पूरी रहेगी।

✪➤ इस अधिनियम के तहत अन्य समस्याओं की रोक थाम के लिए समितियां हर स्थान पर प्राप्त होंगी।

✪➤ इस योजना के तहत पंचायत समितियों द्वारा विकास खंड एवं अनेको गतिविधियों का चयन करने का नियम है।

✪➤ इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को रोज़गार घर से 5 किलोमीटर के क्षेत्र में ही मिलेगा।

✪➤ इस  योजना के तहत सभी व्यक्तियों को सामाजिक सहभागिता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का पूर्ण आश्वासन पंचायत समितियों द्वारा दिया जाता है।

✪➤ इस अधिनियम के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्वारा पंजीकृत होने वाले नागरिकों को जॉब गारंटी कार्ड भी जारी किया जायेगा। जो भी व्यक्ति रोज़गार के इच्छुक है वो ग्राम पंचायत समिति में रजिस्ट्रेशन करा सकते है तथा इस कार्ड की क़ानूनी मान्यता है जिसमे की 15 दोनों के दौरान प्रत्येक नागरिकों को रोज़गार मिले।

✪➤ इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को पुरुषों के बराबर मजदूरी मिलेगी तथा महिलाओं का 33% लाभ भी होगा।

✪➤ इस अधिनियम के तहत यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु रोज़गार के दौरान होती है तो उस व्यक्ति के परिवार को 25 हज़ार रूपये की राहत का भुगतान किया जायेगा।

✪➤ इस योजना के तहत चिकित्सा, झोपड़ी आदि व्यवस्था मज़दूरों के लिए कराई जाएगी।

✪➤ इस योजना के दौरान मज़दूरों के लिए कार्य स्थल पर आस्मिक चिकित्सा, पेयजल, संदेह पूर्ण कुटीर की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना के तहत किये जाने वाले काम  (The Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act Scheme Work Done)

✪➤ इस योजना के तहत जल संचय व जल संरक्षण का काम होगा।

✪➤ इस योजना द्वारा भूमि का विकास होगा।

✪➤ इस योजना के दौरान तालाब की सफाई होगी।

✪➤ इस योजना के अंतर्गत नहरों की सफाई जिसके तहत बेहतर सफाई का कार्य है।

✪➤ इस योजना के तहत बाग़, बगीचे में पेड़ पौधों को लगाने का काम होगा।

✪➤ इस योजना के तहत बाढ़ को नियंत्रण करने के कार्य।

✪➤ इस अधिनियम के तहत शिकायत एवं उनके सुझाव के लिए भारत सरकार ने टोल फ्री फ़ोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।

टोल फ्री नंबर है :- 18003452244

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