कृषि विधेयक 2020: किसान बिल 2020 PDF In Hindi Download | Kisan Bill – Agriculture Farm Bill PDF

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Kisan Bill 2020 in Hindi PDF Download-: नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको इस लेख के माध्यम से नए कृषि विधेयक 2020 (Agriculture Farm Bill 2020 PDF) की जानकारी देंगे। जैसे कि आप लोग जानते ही होंगे कि मोदी सरकार आये दिन किसानों की आय को बढ़ाने के लिए, अनेक प्रकार की योजनाओं और सेवाओं को शुरू करती रहती है। जिसके माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधर हो सके और किसानों की आय को बढ़ाया जा सके। जिसके लिए केंद्र सरकार सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोई न कोई नयी किसान कल्याणकारी योजनाएं (Kisan Welfare Schemess) बनाती रहती है।

आपको बता दें कि मोदी सरकार द्वारा हाल ही में एक नया किसान बिल (कृषि विधेयक 2020) पास किया है, जो किसानों की फसल, बाजार, फसल मूल्य तथा बाजार मूल्य आदि से जुड़ा हुआ था। Farmers Bill को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 14 सितंबर, 2020 को लोकसभा में प्रस्तुत किया था। जिसे 5 जून, 2020 को अध्यादेश के रूप में विधेयक रखा गया था। इस बिल का मुख्य उद्देश्य कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य को सरलीकरण करना है, जो लोकसभा में 17 सितंबर 2020 को पारित किया गया था। जबकि राज्य सभा ने उसके बाद, इस विधेयक को पारित कर दिया था।

Kisan Bill 2020 In Hindi PDF - Krishi Bill
Kisan Bill 2020 In Hindi PDF – Krishi Bill

किसान बिल 2020 PDF In Hindi Download

कृषि विधेयक 2020 के बारे में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी (बीजीपी) के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने किसानों के हित के लिए अनेक प्रकार की योजनाओं तथा सेवाओं का शुभारम्भ किया है। जिससे किसानों को उनके उत्पाद की गई फसल की, अच्छी कीमत मिल सके और किसानों की आर्थिक स्तर, सामजिक स्तर तथा जीवन स्तर उठ सके। इस प्रक्रिया के लिए भारत सरकार पिछले 6 सालों से अनेक प्रकार की योजनओं को शुरू कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि अनाजों की ख़रीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर जारी रहेगी।

Kisan Bill 2020 in Hindi PDF Download पर प्रधानमंत्री मोदी जी ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि, एमएसपी की दरों में 2014-2020 के बीच बढ़ोत्तरी की गई है। जो इस समय रबी सीजन के लिए एमएसपी की घोषणा आगामी सप्ताह में की जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इन विधेयकों में किसानों की सम्पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। किसान बिल 2020 पीडीएफ डाउनलोड / Krishi Bill 2020 pdf Download in Hindi की पूरी जानकारी नीचे खंड में देखें।

देश में कृषि सुधार के लिए दो महत्वपूर्ण विधेयक लोक सभा से पारित हो गए हैं।

  1. कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 [The Farmers Produce Trade and Commerce (Promotion and Simplification) Bill, 2020]
  2. कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 [Agreement on Farmers (Empowerment and Protection) Price Assurance and Agricultural Services Bill, 2020]

इसके अतिरिक्त Kisan Bill 2021 के तहत तीसरा बिल जो है सेवा विधेयक और आवश्यक वस्तुएं (संशोधन) विधेयक [Services Bill and Essential Commodities (Amendment) Bill] भी सरकार द्वारा पास किया गया है। आइए नीचे देखते हैं किसान कृषि बिल २०२० के तहत नए Kisan Amendment Bill 2021 PDF की पूरी जानकारी विस्तार से।

Highlights of Kisan Bill 2020 In Hindi PDF Download-
लेख प्रकार कृषि किसान बिल (कृषि विधेयक 2020 PDF)
Farmers Bill 2020 PDF Download
बिल का पूरा नाम कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020
कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020
नवीनतम वर्ष  2020-2021
भाषा हिंदी/ English
उद्देश्य फसल बेचने के लिए फ्री बाजार प्रदान करना
लाभार्थी देश के सभी लघु, माध्यम और सीमांत किसान
PIB की अधिसूचना यहाँ क्लिक करें
Official Website http://agricoop.nic.in/agriculture-reforms
Article Category केंद्र सरकार योजना
कृषि से जुड़े तीन Kisan Bill 2020, जो अब कानून बन गया है-

3 कृषि कानून 2020 जिनका विरोध किया जा रहा है, जिसकी जानकारी निम्न प्रकार से है:

  1. First Sale: – केंद्र सरकार ने किसानों को देश में कहीं भी फसल बेचने की स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि राज्यों के बीच कारोबार बढ़े। जिससे मार्केटिंग और ट्रांस्पोर्टिशन पर भी खर्च कम होगा।
  2. Second Bill: – इस बिल में सरकार ने किसानों पर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क का प्रोविज़न किया है। यह बिल कृषि पैदावारों की बिक्री, फार्म सर्विसेज़, कृषि बिजनेस फर्मों, प्रोसेसर्स, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा विक्रेताओं और एक्सपोर्टर्स के साथ किसानों को जुड़ने के लिए मजबूत करता है। कांट्रेक्टेड किसानों को क्वॉलिटी वाले बीज की सप्लाई करना, तकनीकी मदद और फसल की निगरानी, कर्ज की सहूलत और फसल बीमा की सहूलत मुहैया कराई गई है।
  3. Third Bill: – इस बिल में अनाज, दाल, तिलहन, खाने वाला तेल, आलू-प्‍याज को जरूरी चीजो की लिस्ट से हटाने का प्रावधान रखा गया है। जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिले।

नया किसान बिल/कृषि विधेयक 2020 के मुख्य प्रावधान क्या है?
  • New Agriculture Farm Bill 2020 में किसानों को फसल बेचने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। अब कोई भी किसान अपनी फसल को मंडी के बहार व्यापारी के पास बेच सकता है।
  • किसान अपने फसल को देश के किसी भी हिस्से में कहीं भी कभी भी बेच सकता है।
  • किसानों को किसी भी प्रकार का कोई भी उपकर नहीं देना होगा। साथ ही बिल के अनुसार अब माल ढुलाई का खर्च भी देने की आवश्यकता नहीं है।
  • नये किसान कृषि विधेयक 2020 के अनुसार किसानों को ई-ट्रेडिंग मंच प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से इलेक्ट्रोनिक निर्बाध व्यापार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  • Kisan Krishi Bill के तहत मंडियों के अतिरिक्त व्यापार क्षेत्र में फॉर्मगेट, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण यूनिटों पर भी व्यापार की स्वतंत्रता होगी।
  • इस बिल के माध्यम से किसान और व्यापारी सीधे एक दूसरे जुड़ सकेंगे, जिससे बिचौलियों का लाभ समाप्त हो जाएगा।
किसान बिल 2020 की शंकाएँ:
  • सरकार द्वारा निर्धारत किया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज की ख़रीद बंद हो जाएगा।
  • किसान फसल को मंडी से बहार बेचता है तो एपीएमसी मंडियां समाप्त हो जाएंगी।
  • ई-नाम जैसे सरकारी ई-ट्रेडिंग पोर्टल का क्या होगा?
Kisan Bill 2020 के समाधान:
  • MSP पर पहले की तरह फसल की खरीद जारी रहेगी।
  • आगामी रबी सीजन में किसान अपनी उपज एमएसपी पर बेच सकेंगे।
  • सीजन के लिए एमएसपी अगले सप्ताह घोषित की जाएगी।
  • किसान को अनाज मंडी के अलावा दूसरा ऑप्शन भी मिलेगा।
  • सरकार द्वारा शुरू की गयी ई-नाम ट्रेडिंग व्यवस्था भी जारी रहेगी।
  • इलेक्ट्रानिक मंचों पर कृषि उत्पादों का व्यापार बढ़ेगा। इससे पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी।

किसान कृषि बिल 2020 पीडीएफ इन हिंदी (Kisan Krishi Bill 2020 PDF in Hindi) डाउनलोड करने के लिए इस लिंक कृषि विधेयक 2020 HM-AgricultureBillsHindi PDF पर क्लिक करें या नीचे दिए लिंक पर सीधे क्लिक करें।

Agriculture Farm Bill 2020 PDF Download

Kisan Bill 2020 PDF In Hindi Download

Krishi Bill 2020 पर क्यों हो रहा है एमएसपी विवाद?

जैसे कि आप जानते होंगे, आपने TV पर देखा होगा, समाचार में पढ़ा होगा कि देश का किसान कृषि बिल 2020 का जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। आखिर आपके मन में भी आ रहा होगा कि क्यों किसान भाई इसका विरोध कर रहे हैं, क्या है किसान बिल, और किसान क्यों कर रहें हैं एमएसपी पर विवाद। तो चाहिए जानते है इस विवादित Kisan Bill 2020 के बारे में विस्तार से।

किसान बिल २०२० क्या है – जैसे कि हमने आपको ऊपर बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नये कृषि बिल का जबरदस्त विरोध हो रहा है। पूरे देश में किसानों ने बिल के विरोध में प्रदर्शन किया है, खासकर पंजाब और हरियाणा के किसान भाइयों ने। कृषि बिल के विरोध में जहां एक और केंद्र सरकार में मंत्री रही हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया वहीं विपक्ष भी लगातार इस बिल का विरोध कर रहा है।

  1. बिल को लेकर किसानों और विपक्ष का आरोप है कि इससे मंडी व्यवस्था समाप्त हो जायेगी और किसानों को फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल पायेगी।
  2. किसान संगठनों का आरोप है कि कृषि विधेयक बिल 2020 किसानों के हित में नहीं है। इस बिल से किसानों के खेतों और मंडियों में बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों का कब्जा हो जाएगा।
  3. जबकि सरकार का दावा है कि कृषि में लाए जा रहे बदलावों से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, उन्हें नए अवसर मिलेंगे, और बिचौलिए खत्म होंगे।
  4. इससे सबसे ज्यादा फायदा छोटे किसानों को होगा और किसान अब मंडी से बाहर भी अपना सामान ले जाकर बेच सकते हैं।
  5. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी बार-बार यह कह रहे हैं कि एमएसपी और मंडी व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी।
  6. परन्तु इसे लेकर किसान संगठन यह चाहते है कि सरकार इसका कानून बना दें। किसान चाहते है कि सरकार MSP को लेकर कोई ठोस कानून बना दें, जिससे किसान मंडी या उसके बाहर सरकार द्वारा तय एमएसपी पर अपना उत्पाद बेच पायें।
  7. लोकसभा में इसे लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिहं तोमर ने भी कहा था कि एमएसपी भी रहेगा और कृषि मंडियां भी रहेंगी।

अब बिल की मुख्य बातों पर गौर कर करें तो बिल कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 [Bill Farmers Produce Trade & Commerce (Promotion & Simplification) Bill, 2020] है जो एक ऐसा क़ानून होगा जिसके तहत किसानों और व्यापारियों को MSP की मंडी से बाहर फ़सल बेचने की आज़ादी होगी। इसे लेकर सरकार कह रही है कि मंडियां बंद नहीं हो रही है। सिर्फ किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था दी जा रही है जिसके तहत वह किसी भी खरीदार को अच्छे दाम पर अपनी फसल बेच सकता है।

Kisan Bill 2020 PDF In Hindi Download
Kisan Bill 2020 PDF In Hindi Download
क्या है एमएसपी ( न्यूनतम समर्थन मूल्य)?

आपको बता दें कि किसानों को अपने फसल में नुकसान नहीं हो, इसके लिए देश में एमएसपी- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP- Minimum Support Price) की व्यवस्था लागू की गयी है। इसमें अगर फसल की कीमत बाजार के मुताबिक कम मिलती है, तो सरकार उसे एमएसपी के हिसाब से खरीद लेती है। ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। MSP पूरे देश के लिए एक होती है। साथ ही सभी राज्य सरकारें अपने राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान करती है। अब देखना यह है कि सरकार किसान विधेयक बिल 2020 (Kisan Bill 2020 – Agriculture Farm Bill 2020) पर चल रहे विरोध पर क्या फैसला लेता है।

Rabi Crop 2020-21 MSP न्यूनतम समर्थन मूल्य लिस्ट-

हम आपको रबी फसल 2020-21 की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्दिष्ट करने वाली पूरी तालिका प्रदान कर रहे हैं।

Crop – Wheat (फसल – गेहूँ):
  • RMS 2020-21 के लिए MSP: 1925 Per Quintal
  • RMS 2021-22 के लिए MSP: 1975 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2021-22: 960 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 50 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 106
Crop – Barley (फसल – जौ):
  • RMS 2020-21 के लिए MSP: 1525 Per Quintal
  • RMS 2021-22 के लिए MSP: 1600 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2021-22: 971 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 75 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 65

Crop – Gram dal (फसल – चना दाल):

  • RMS 2020-21 के लिए MSP: 4875 Per Quintal
  • RMS 2021-22 के लिए MSP: 5100 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2021-22: 2866 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 225 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 78
Crop – Lentil (फसल – मसूर दाल):
  • RMS 2020-21 के लिए MSP: 4800 Per Quintal
  • RMS 2021-22 के लिए MSP: 5100 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2021-22: 2864 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 300 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 78
Crop – Mustard (फसल – सरसों):
  • RMS 2020-21 के लिए MSP: 4425 Per Quintal
  • RMS 2021-22 के लिए MSP: 4650 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2021-22: 2415 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 225 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 93
Crop – Safflower Farming (फसल – कुसुम खेती):
  • RMS 2020-21 के लिए MSP: 5215 Per Quintal
  • RMS 2021-22 के लिए MSP: 5327 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2021-22: 3551 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 112 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 50
किसान कृषि बिल 2020 से जुड़ी कुछ अफवाह तथा सच्चाई-
  1. इस नए किसान बिल में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) का क्‍या होगा?
    झूठ: किसान बिल २०२० असल में किसानों को न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य न देने की साजिश है।
    सच: किसान बिल का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) से कोई लेना-देना नहीं है, एमएसपी दिया जा रहा है और भविष्‍य में भी दिया जाता रहेगा।
  2. अब मंडियों का क्‍या होगा?
    झूठ: अब मंडियां खत्‍म हो जाएंगी।
    सच: मंडी सिस्‍टम जैसा पहले चलता है, वैसा ही रहेगा।
  3. किसान विरोधी है बिल?
    झूठ: किसानों के खिलाफ है यह किसान बिल 2020 (Farmers Bill 2020)
    सच: कृषि विधेयक 2020 से किसानों को आजादी मिलेगी, अब किसान अपनी फसल किसी को भी, कहीं भी बेच सकते हैं। इससे ‘वन नेशन वन मार्केट’ स्‍थापित होगा। बड़ी फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करके किसान ज्‍यादा मुनाफा कमा सकेंगे।
  4. नए किसान बिल 2020 से बड़ी कंपनियां शोषण करेंगी?
    झूठ: कॉन्‍ट्रैक्‍ट के नाम पर बड़ी कंपनियां किसानों का शोषण करेंगी।
    सच: समझौते से किसानों को पहले से तय दाम मिलेंगे, लेकिन किसान को उसके हितों के खिलाफ नहीं बांधा जा सकता है। किसान उस समझौते से कभी भी हटने के लिए स्‍वतंत्र होगा, इसलिए उससे कोई पेनाल्‍टी नहीं ली जाएगी।
  5. छिन जाएगी किसानों की जमीन?
    झूठ: किसानों की जमीन पूंजीपतियों को दी जाएगी।
    सच: इस कृषि बिल में साफ कहा गया है कि किसानों की जमीन की बिक्री, लीज और गिरवी रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। समझौता फसलों का होगा, जमीन का नहीं।
  6. कुल मिलाकर किसानों को नुकसान होगा?
    झूठ: किसान बिल २०२० से बड़े कॉर्पोरेट को फायदा है, किसानों को नुकसान है।
    सच: कृषि विधेयक 2020 के तहत कई राज्‍यों में बड़े कॉर्पोरेशंस के साथ मिलकर किसान गन्‍ना, चाय और कॉफी जैसी फसल उगा रहे हैं। अब छोटे किसानों को ज्‍यादा फायदा मिलेगा और उन्‍हें तकनीक और पक्‍के मुनाफे का भरोसा मिलेगा।

इसे भी पढ़ें: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 PDF Download In Hindi

दोस्तों, यहाँ हमने आपको किसान बिल क्या है 2020, किसान बिल 2021 पीडीएफ, किसान बिल 2020 pdf, कृषि बिल क्या है 2020, किसान बिल २०२० क्या है Kisan Bill 2021 PDF In Hindi कि पूरी जानकारी प्रदान कर दी है। आशा करते हैं कि आपको यह लेख किसान बिल क्या है इन हिंदी पसंद आया होगा। अगर आपको इस पोस्ट से सम्बंधित कोई प्रश्न पूछना है तो नीचे दिए कमेंट सेक्शन में अपना प्रश्न पूछे हम आपकी पूरी सहायता करेंगे। हमारी वेबसाइट www.readermaster.com में आने के लिए धन्यवाद, अधिक अपडेट के लिए बने रहें।

17 thoughts on “कृषि विधेयक 2020: किसान बिल 2020 PDF In Hindi Download | Kisan Bill – Agriculture Farm Bill PDF”

  1. why you are giving false information. would you pl tell me where it is written in bill that msp will be still stand .
    secondly why we will purchased each and every thing from contractor.

    1. Hello Manjeet Singh,

      We ain’t claim that the MSP will still stand the same after implementing the Kisan Krishi Bill 2020. In this article, we summarised all aspects of the new agriculture bill 2020 i.e Govt view on the Farmers Bill, Why farmers are protesting, What is the stand of opposition on this disputed Farm Ordinance 2020. Here we collected all information from various sources (i.e News Portal, Govt’s website).

      If you have any objection regarding this article then let's have a meaningful conversation in the comment section. Thanks

  2. Kalyan Singh Baghel

    I am very proud of New Kisan Krishi Bill 2020
    Aasha Karta hu ki ye Bill kisano ke liye 1 sakshej he
    Eska samarthan karna hi sabka vikash hai

    Thanks to your obediently

  3. Kisan bill 2020 in Hindi pdf is not downloading, only showing in every paragraph but not actual download is available on any page for a new user like me…
    Mahesh 9828152596

  4. Sir ji kisan bill mai ye to saaf hai MSP jese tha wese rahegi achhi baat hai, Mera mang ye hai sarkar ko MRP par ek kanun lagu karni chahiye warna kisan se anaj lene wale logs or companyone MSP 1000 deke MRP 5000 karne par pichhe nahi hatenge jis waje se puri deah ke janata ko mahangai ka samna karna pad sakti hai, sarkar ko yese ek kanaun MRP par lagu karni chahiye ( example ) MSP 1000 hai to MRP 1200 se 1400 honi chahiye use jyada agar kisine MRP par chhed chhad kiye to unko sakt saja milega, ? dhanyabad , vande matram, jai jawan jai kisan

    1. जिस देश में प्याज महंगी होने के कारण सरकार चुनाव हार जाती है उस देश में यह संभव है कि कोई 1000/कुंतल में गेहूँ खरीदे और 5000/कुंतल बेच ले | फिर सरकार 1रुपये/2 रुपये किलो गेहूँ कहाँ से और किसके लिए देती है | कभी सोचा है 21 रुपये किलो खरीदकर 2 रुपये किलो बेचने का Logic क्या है ,क्यों है और किसके लिए है ? वोट के लिए | क्या कोई भी सरकार किसान मतलब 65% जनसंख्या को नाराज कर सकती है , नहीं |धन्यवाद|

  5. कथनी और करनी में अंतर होता है, ये तीनों कानून जितने अच्छे दिखाई दे रहे हैं,उतने हैं नहीं। सबसे पहला जो डर है वो MSP का है, अध्यादेश आने के बाद भी ज्यादातर फ़सल MSP से नीचे बिक्री हुई है। दूसरे हरियाणा और मध्य प्रदेश ने अपने यहां पर दूसरे राज्यों के किसानों को फसल बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है, तो आगे अन्य राज्य ऐसा नहीं करेंगे क्या गारंटी है(ओपन मार्केट खत्म) तीसरे बड़े व्यापारी किसानो से अनाज खरीद कर कालाबाजारी करेंगे तो मंहगाई से आम आदमी ही दुःखी होगा।2006 से बिहार में सरकारी मंडी खत्म होने के बाद वहां का किसान आधे रेट पर भी मुश्किल से फ़सल बेच रहा है। पेनकार्ड से फ़सल खरीदने वालों की धोखाधड़ी से किसान को कौन बचाएगा। कान्ट्रेक्ट खेती में विवाद की स्थिति में आप कोर्ट नहीं जा सकते हैं, सिर्फ SDM तक जा सकते हैं, वहां किसान की सुनवाई होगी या अमीर व्यापारी की। फिर भी किसी विद्वान को अगर इन कानूनों में कुछ अच्छा और फायदेमंद नज़र आ रहा है तो कृपया हमें भी समझाएं, ताकि हम भी इनका फायदा उठा सकें।
    ओम

    1. विनोद

      ये किसानों के तथाकथित कई नेता व संगठन देश की राजधानी दिल्ली के चारों तरफ के सभी मुख्य रास्तों व हाइवेज को घेर कर बंद कर रखा है, आंदोलन करने का ऊचित मार्ग तो कत्तई नही है , हर नागरिक को अपने देश के केन्द्रीय सरकारों पर भरोषा तो करना ही चाहिए, भारत की यह मजबूत व बेजोड़ सरकार अपने किसानो के विरूद्ध क्यों रहेगी?
      क्या यह ईस्ट इंडिया कंपनी है? नहीं न ।
      अपने देश के वर्तमान व देश के गौरव को शिखर तथा मस्तक को ऊंचा करने वाली सरकार पर विश्वास करे।
      सब कुछ मंगलमय होगा
      ।।जय हिन्द जय भारत।।

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