कृषि विधेयक 2022: किसान बिल 2021 PDF In Hindi Download | Kisan Bill – Agriculture Farm Bill PDF

किसान बिल 2021 PDF Download in Hindi | Krishi Bill 2022 pdf Download in Hindi | किसान बिल २०२२ पीडीएफ डाउनलोड | Kisan Bill 2021 pdf Download | कृषि विधेयक 2021-2022 की पूरी जानकारी हिंदी में


नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको इस लेख के माध्यम से नए कृषि विधेयक 2021 (Agriculture Farm Bill PDF) की जानकारी देंगे। जैसे कि आप लोग जानते होंगे कि मोदी सरकार आये दिन किसानों की आय को बढ़ाने के लिए, अनेक प्रकार की योजनाओं और सेवाओं को शुरू करती रहती है। जिसके माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधर हो सके और किसानों की आय को बढ़ाया जा सके। केंद्र सरकार सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोई न कोई किसान कल्याणकारी योजनाएं बनाती रहती है।

आपको बता दें कि मोदी सरकार द्वारा हाल ही में एक नया किसान बिल (कृषि विधेयक 2020) पास किया है, जो किसानों की फसल, बाजार, फसल मूल्य तथा बाजार मूल्य आदि से जुड़ा हुआ था। Farmers Bill को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 14 सितंबर, 2020 को लोकसभा में प्रस्तुत किया था। जिसे 5 जून, 2020 को अध्यादेश के रूप में विधेयक रखा गया था। इस बिल का मुख्य उद्देश्य कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य को सरलीकरण करना है, जो लोकसभा में 17 सितंबर 2020 को पारित किया गया था। जबकि राज्य सभा ने उसके बाद, इस विधेयक को पारित कर दिया था।

किसान बिल 2021 PDF In Hindi Download

कृषि विधेयक 2022 के बारे में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी (बीजीपी) के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने किसानों के हित के लिए अनेक प्रकार की योजनाओं तथा सेवाओं का शुभारम्भ किया है। जिससे किसानों को उनके उत्पाद की गई फसल की, अच्छी कीमत मिल सके और किसानों की आर्थिक स्तर, सामजिक स्तर तथा जीवन स्तर उठ सके। इस प्रक्रिया के लिए भारत सरकार पिछले 6 सालों से अनेक प्रकार की योजनओं को शुरू कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि अनाजों की ख़रीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर जारी रहेगी।

Kisan Bill 2021 in Hindi PDF Download पर प्रधानमंत्री मोदी जी ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि, एमएसपी की दरों में 2014-2021 के बीच बढ़ोत्तरी की गई है। जो इस समय रबी सीजन के लिए एमएसपी की घोषणा आगामी सप्ताह में की जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इन विधेयकों में किसानों की सम्पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। किसान बिल 2021 पीडीएफ डाउनलोड/ Krishi Bill 2021 pdf Download in Hindi की पूरी जानकारी नीचे खंड में देखें।

Kisan Bill 2020 In Hindi PDF - Krishi Bill

(New Farm Act) Kisan Bill 2022 PDF in Hindi

देश में कृषि सुधार के लिए दो महत्वपूर्ण विधेयक लोक सभा से पारित हो गए हैं।

  1. कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2021 [The Farmers Produce Trade and Commerce (Promotion and Simplification) Bill, 2021]
  2. कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2021 [Agreement on Farmers (Empowerment and Protection) Price Assurance and Agricultural Services Bill, 2021]

इसके अतिरिक्त Kisan Bill 2022 के तहत तीसरा बिल जो है सेवा विधेयक और आवश्यक वस्तुएं (संशोधन) विधेयक [Services Bill and Essential Commodities (Amendment) Bill] भी सरकार द्वारा पास किया गया है। आइए नीचे देखते हैं किसान कृषि बिल २०२० के तहत नए Kisan Amendment Bill 2022 PDF की पूरी जानकारी विस्तार से।

Highlights of Kisan Bill 2021 In Hindi PDF Download

लेख प्रकार कृषि किसान बिल (कृषि विधेयक 2022 PDF)
Farmers Bill 2021 PDF Download
बिल का पूरा नाम कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2021
कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2021
नवीनतम वर्ष 2021-2022
भाषा हिंदी/ English
उद्देश्य फसल बेचने के लिए फ्री बाजार प्रदान करना
लाभार्थी देश के सभी लघु, माध्यम और सीमांत किसान
PIB की अधिसूचना यहाँ क्लिक करें
Official Website http://agricoop.nic.in/agriculture-reforms
Article Category केंद्र सरकार योजना

कृषि से जुड़े तीन Kisan Bill 2021, जो अब कानून बन गया है

3 कृषि कानून 2021 जिनका विरोध किया जा रहा है, जिसकी जानकारी निम्न प्रकार से है:

  1. First Sale: – केंद्र सरकार ने किसानों को देश में कहीं भी फसल बेचने की स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि राज्यों के बीच कारोबार बढ़े। जिससे मार्केटिंग और ट्रांस्पोर्टिशन पर भी खर्च कम होगा।
  2. Second Bill: – इस बिल में सरकार ने किसानों पर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क का प्रोविज़न किया है। यह बिल कृषि पैदावारों की बिक्री, फार्म सर्विसेज़, कृषि बिजनेस फर्मों, प्रोसेसर्स, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा विक्रेताओं और एक्सपोर्टर्स के साथ किसानों को जुड़ने के लिए मजबूत करता है। कांट्रेक्टेड किसानों को क्वॉलिटी वाले बीज की सप्लाई करना, तकनीकी मदद और फसल की निगरानी, कर्ज की सहूलत और फसल बीमा की सहूलत मुहैया कराई गई है।
  3. Third Bill: – इस बिल में अनाज, दाल, तिलहन, खाने वाला तेल, आलू-प्‍याज को जरूरी चीजो की लिस्ट से हटाने का प्रावधान रखा गया है। जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिले।

नया किसान बिल/ कृषि विधेयक 2021 के मुख्य प्रावधान क्या है?

  • New Agriculture Farm Bill 2022 में किसानों को फसल बेचने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। अब कोई भी किसान अपनी फसल को मंडी के बहार व्यापारी के पास बेच सकता है।
  • किसान अपने फसल को देश के किसी भी हिस्से में कहीं भी कभी भी बेच सकता है।
  • किसानों को किसी भी प्रकार का कोई भी उपकर नहीं देना होगा। साथ ही बिल के अनुसार अब माल ढुलाई का खर्च भी देने की आवश्यकता नहीं है।
  • नये किसान कृषि विधेयक 2021 के अनुसार किसानों को ई-ट्रेडिंग मंच प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से इलेक्ट्रोनिक निर्बाध व्यापार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  • Kisan Krishi Bill के तहत मंडियों के अतिरिक्त व्यापार क्षेत्र में फॉर्मगेट, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण यूनिटों पर भी व्यापार की स्वतंत्रता होगी।
  • इस बिल के माध्यम से किसान और व्यापारी सीधे एक दूसरे जुड़ सकेंगे, जिससे बिचौलियों का लाभ समाप्त हो जाएगा।

किसान बिल 2021 की शंकाएँ

  • सरकार द्वारा निर्धारत किया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज की ख़रीद बंद हो जाएगा।
  • किसान फसल को मंडी से बहार बेचता है तो एपीएमसी मंडियां समाप्त हो जाएंगी।
  • ई-नाम जैसे सरकारी ई-ट्रेडिंग पोर्टल का क्या होगा?

Kisan Bill 2021 के समाधान

  • MSP पर पहले की तरह फसल की खरीद जारी रहेगी।
  • आगामी रबी सीजन में किसान अपनी उपज एमएसपी पर बेच सकेंगे।
  • सीजन के लिए एमएसपी अगले सप्ताह घोषित की जाएगी।
  • किसान को अनाज मंडी के अलावा दूसरा ऑप्शन भी मिलेगा।
  • सरकार द्वारा शुरू की गयी ई-नाम ट्रेडिंग व्यवस्था भी जारी रहेगी।
  • इलेक्ट्रानिक मंचों पर कृषि उत्पादों का व्यापार बढ़ेगा। इससे पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी।

किसान कृषि बिल २०२१ पीडीएफ इन हिंदी (Kisan Krishi Bill 2021 PDF in Hindi) डाउनलोड करने के लिए इस लिंक कृषि विधेयक 2021 HM-AgricultureBillsHindi PDF पर क्लिक करें या नीचे दिए लिंक पर सीधे क्लिक करें।

Agriculture Farm Bill 2021 PDF Download

Farm Bill, 2021 PDF Government of India

Kisan Bill 2020 PDF In Hindi Download

Krishi Bill 2021 पर क्यों हो रहा है एमएसपी विवाद?

जैसे कि आप जानते होंगे, आपने TV पर देखा होगा, समाचार में पढ़ा होगा कि देश का किसान कृषि बिल 2021 का जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। आखिर आपके मन में भी आ रहा होगा कि क्यों किसान भाई इसका विरोध कर रहे हैं, क्या है किसान बिल, और किसान क्यों कर रहें हैं एमएसपी पर विवाद। तो चाहिए जानते है इस विवादित Kisan Bill 2021 के बारे में विस्तार से।

किसान बिल २०२० क्या है – जैसे कि हमने आपको ऊपर बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नये कृषि बिल का जबरदस्त विरोध हो रहा है। पूरे देश में किसानों ने बिल के विरोध में प्रदर्शन किया है, खासकर पंजाब और हरियाणा के किसान भाइयों ने। कृषि बिल के विरोध में जहां एक और केंद्र सरकार में मंत्री रही हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया वहीं विपक्ष भी लगातार इस बिल का विरोध कर रहा है।

  1. बिल को लेकर किसानों और विपक्ष का आरोप है कि इससे मंडी व्यवस्था समाप्त हो जायेगी और किसानों को फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल पायेगी।
  2. किसान संगठनों का आरोप है कि कृषि विधेयक बिल 2021 किसानों के हित में नहीं है। इस बिल से किसानों के खेतों और मंडियों में बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों का कब्जा हो जाएगा।
  3. जबकि सरकार का दावा है कि कृषि में लाए जा रहे बदलावों से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, उन्हें नए अवसर मिलेंगे, और बिचौलिए खत्म होंगे।
  4. इससे सबसे ज्यादा फायदा छोटे किसानों को होगा और किसान अब मंडी से बाहर भी अपना सामान ले जाकर बेच सकते हैं।
  5. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी बार-बार यह कह रहे हैं कि एमएसपी और मंडी व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी।
  6. परन्तु इसे लेकर किसान संगठन यह चाहते है कि सरकार इसका कानून बना दें। किसान चाहते है कि सरकार MSP को लेकर कोई ठोस कानून बना दें, जिससे किसान मंडी या उसके बाहर सरकार द्वारा तय एमएसपी पर अपना उत्पाद बेच पायें।
  7. लोकसभा में इसे लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिहं तोमर ने भी कहा था कि एमएसपी भी रहेगा और कृषि मंडियां भी रहेंगी।

अब बिल की मुख्य बातों पर गौर कर करें तो बिल कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2021 [Bill Farmers Produce Trade & Commerce (Promotion & Simplification) Bill, 2021] है जो एक ऐसा क़ानून होगा जिसके तहत किसानों और व्यापारियों को MSP की मंडी से बाहर फ़सल बेचने की आज़ादी होगी। इसे लेकर सरकार कह रही है कि मंडियां बंद नहीं हो रही है। सिर्फ किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था दी जा रही है जिसके तहत वह किसी भी खरीदार को अच्छे दाम पर अपनी फसल बेच सकता है।

Kisan Bill 2021 PDF In Hindi Download

क्या है एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य)?

आपको बता दें कि किसानों को अपने फसल में नुकसान नहीं हो, इसके लिए देश में एमएसपी- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP- Minimum Support Price) की व्यवस्था लागू की गयी है। इसमें अगर फसल की कीमत बाजार के मुताबिक कम मिलती है, तो सरकार उसे एमएसपी के हिसाब से खरीद लेती है। ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। MSP पूरे देश के लिए एक होती है। साथ ही सभी राज्य सरकारें अपने राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान करती है। अब देखना यह है कि सरकार किसान विधेयक बिल 2021 (Kisan Bill 2021 – Agriculture Farm Bill 2021) पर चल रहे विरोध पर क्या फैसला लेता है।

लेटेस्ट अपडेट – भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साल के विरोध के बाद तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा की है। गुरु नानक पर्व के अवसर में राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी का पूरी वीडियो नीचे देखें।

Rabi Crop 2021-22 MSP न्यूनतम समर्थन मूल्य लिस्ट

हम आपको रबी फसल 2021-21 की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्दिष्ट करने वाली पूरी तालिका प्रदान कर रहे हैं।

Crop – Wheat (फसल – गेहूँ):
  • RMS 2021-21 के लिए MSP: 1925 Per Quintal
  • RMS 2022-22 के लिए MSP: 1975 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2022-22: 960 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 50 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 106
Crop – Barley (फसल – जौ):
  • RMS 2021-21 के लिए MSP: 1525 Per Quintal
  • RMS 2022-22 के लिए MSP: 1600 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2022-22: 971 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 75 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 65
Crop – Gram dal (फसल – चना दाल):
  • RMS 2021-21 के लिए MSP: 4875 Per Quintal
  • RMS 2022-22 के लिए MSP: 5100 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2022-22: 2866 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 225 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 78
Crop – Lentil (फसल – मसूर दाल):
  • RMS 2021-21 के लिए MSP: 4800 Per Quintal
  • RMS 2022-22 के लिए MSP: 5100 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2022-22: 2864 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 300 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 78
Crop – Mustard (फसल – सरसों):
  • RMS 2021-21 के लिए MSP: 4425 Per Quintal
  • RMS 2022-22 के लिए MSP: 4650 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2022-22: 2415 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 225 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 93
Crop – Safflower Farming (फसल – कुसुम खेती):
  • RMS 2021-21 के लिए MSP: 5215 Per Quintal
  • RMS 2022-22 के लिए MSP: 5327 Per Quintal
  • उत्पादन की लागत 2022-22: 3551 Per Quintal
  • MSP में पूर्ण वृद्धि – 112 रुपये
  • लागत से अधिक (%) – 50

किसान कृषि बिल 2021 से जुड़ी कुछ अफवाह तथा सच्चाई

  1. इस नए किसान बिल में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) का क्‍या होगा?
    झूठ: किसान बिल २०२० असल में किसानों को न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य न देने की साजिश है।
    सच: किसान बिल का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) से कोई लेना-देना नहीं है, एमएसपी दिया जा रहा है और भविष्‍य में भी दिया जाता रहेगा।
  2. अब मंडियों का क्‍या होगा?
    झूठ: अब मंडियां खत्‍म हो जाएंगी।
    सच: मंडी सिस्‍टम जैसा पहले चलता है, वैसा ही रहेगा।
  3. किसान विरोधी है बिल?
    झूठ: किसानों के खिलाफ है यह किसान बिल 2021 (Farmers Bill 2021)
    सच: कृषि विधेयक 2021 से किसानों को आजादी मिलेगी, अब किसान अपनी फसल किसी को भी, कहीं भी बेच सकते हैं। इससे ‘वन नेशन वन मार्केट’ स्‍थापित होगा। बड़ी फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करके किसान ज्‍यादा मुनाफा कमा सकेंगे।
  4. नए किसान बिल 2021 से बड़ी कंपनियां शोषण करेंगी?
    झूठ: कॉन्‍ट्रैक्‍ट के नाम पर बड़ी कंपनियां किसानों का शोषण करेंगी।
    सच: समझौते से किसानों को पहले से तय दाम मिलेंगे, लेकिन किसान को उसके हितों के खिलाफ नहीं बांधा जा सकता है। किसान उस समझौते से कभी भी हटने के लिए स्‍वतंत्र होगा, इसलिए उससे कोई पेनाल्‍टी नहीं ली जाएगी।
  5. छिन जाएगी किसानों की जमीन?
    झूठ: किसानों की जमीन पूंजीपतियों को दी जाएगी।
    सच: इस कृषि बिल में साफ कहा गया है कि किसानों की जमीन की बिक्री, लीज और गिरवी रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। समझौता फसलों का होगा, जमीन का नहीं।
  6. कुल मिलाकर किसानों को नुकसान होगा?
    झूठ: किसान बिल २०२० से बड़े कॉर्पोरेट को फायदा है, किसानों को नुकसान है।
    सच: कृषि विधेयक 2021 के तहत कई राज्‍यों में बड़े कॉर्पोरेशंस के साथ मिलकर किसान गन्‍ना, चाय और कॉफी जैसी फसल उगा रहे हैं। अब छोटे किसानों को ज्‍यादा फायदा मिलेगा और उन्‍हें तकनीक और पक्‍के मुनाफे का भरोसा मिलेगा।

इसे भी पढ़ें: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 PDF Download In Hindi

दोस्तों, यहाँ हमने आपको किसान बिल क्या है 2021, किसान बिल 2022 पीडीएफ, किसान बिल 2021 pdf, कृषि बिल क्या है 2020, किसान बिल २०२० क्या है Kisan Bill 2022 PDF In Hindi कि पूरी जानकारी प्रदान कर दी है। आशा करते हैं कि आपको यह लेख किसान बिल क्या है इन हिंदी पसंद आया होगा। अगर आपको इस पोस्ट से सम्बंधित कोई प्रश्न पूछना है तो नीचे दिए कमेंट सेक्शन में अपना प्रश्न पूछे हम आपकी पूरी सहायता करेंगे। हमारी वेबसाइट www.readermaster.com में आने के लिए धन्यवाद, अधिक अपडेट के लिए बने रहें।

42 thoughts on “कृषि विधेयक 2022: किसान बिल 2021 PDF In Hindi Download | Kisan Bill – Agriculture Farm Bill PDF”

  1. why you are giving false information. would you pl tell me where it is written in bill that msp will be still stand .
    secondly why we will purchased each and every thing from contractor.

    1. Hello Manjeet Singh,

      We ain’t claim that the MSP will still stand the same after implementing the Kisan Krishi Bill 2020. In this article, we summarised all aspects of the new agriculture bill 2020 i.e Govt view on the Farmers Bill, Why farmers are protesting, What is the stand of opposition on this disputed Farm Ordinance 2020. Here we collected all information from various sources (i.e News Portal, Govt’s website).

      If you have any objection regarding this article then let's have a meaningful conversation in the comment section. Thanks

      1. Kisan bill stock limit abolished..
        Why for Ambani
        ADANI to sell after artificial shortage
        Farmers will not go to court when some contradiction occurrs during contract process
        Check bounce .rate difference etc..
        Go to district collector appointed ..posted by ruling party suits to them
        Transfer them who didn’t obey ministers
        One stupid will say IAS officers r Guinea pig of govt

        I think chamchagiri for Ruling party for money or honey

    2. Shridhar Inamdar

      Mr Manjeetji, Pranaam,
      In last many years there is no where written in about the MSP and still it is working on the faith of govt and farmers. Now just because of non mentioning the MSP in bill how dose it effects the farmers. Here in Maharashtra farmers are still sales there crops under MSP and even more than that. Again there are so many farmers are sales crops more than MSP prices. Some where if there is a problem is just because of the State Governments just like Punjab.

      1. Jin rajyon mein in Kanoon ka virodh Ho Raha hai unhen rajyon mein anubandh kheti chal rahi hai Punjab Haryana Rajasthan aur Uttar Pradesh mein anubandh kheti chal rahi hai to mujhe yah bataiye ki aakhirkar Kanoon ka dusra prarup jismein anubandh kheti hai uska virodh aur uska rakshak virodh kyon Ho Raha hai jabki anubandh kheti Punjab Jaise Rajesh Jahan iska sabse jyada virodh hai vahan per bhi anubandh kheti chal rahi hai

    3. Agar aap log sach mein Kisan hain aur agar aap chahte ho ki Desh ke kisanon ki halat sudhre to please is Kanoon ko support kijiye bhale hi kuchh sanshodhan kara karke aur Sarkar bhi sanshodhan karne ko taiyar hai aur aap ki jankari hetu yah bhi Bata Dena chahta hun ki agar Congress bhi Central mein aati to vah bhi ya Kanoon lekar aati

    4. Ek baat mein sabhi Ko Bata Dena chahta hun ki agar yah Kanoon Kala ya kuchh ya koi dikkat karne wala hota To is Kanoon ka virodh desh ki sampurn Janata usse pahle is Desh ki sampurn Kisan varg Karta jo ki nahin kar raha hai jiske sampurn Kisan varg ki sankhya 50 crore ke upar hai is Desh ka sampurn Kisan varg iska virodh nahin kar raha hai virodh Vishesh kar Punjab ka Kisan Haryana ka Kisan paschim Uttar Pradesh ka Kisan aur kuchh Rajasthan ka bhi Kisan kar raha hai aur vah isliye kar raha hai kyunki uske motor b MSP Mandi khatam ho jayegi jo ki sarkar ne kah diya hai ki na MSP khatm hone wali hai aur na hi Mandi khatm hone wali hai Bus sirf ek naya vikalp de diya Gaya hai kisanon Ko Mandi ke bahar bhi bechne ka Mandi ke bahar vyapariyon se apna anubandh karne ka vyapariyon se apna achcha rate lene ka avsar de Diya gaya hai agar Desh ke kisanon ko achcha avsar mil raha hai ismein aapatti kya hai kya dikkat hai Desh ke kisanon ko MSP jari rahegi mandiya jari rahegi aur sath sath koi bhi private sector kisi per kabja nahin Karega jo ki Kisan varg kah rahe Hain ki private-sector unki jameen per kabja kar lenge yah ine kanunon mein kahin nahin likha hai agar likha hai to aap jaaiye aur supreme court mein iska halafnama dakhil kijiye iske khilaf awaaz uthai kyunki supreme court ne bhi abhi tak is Kanoon Ko yad karne ka koi sanket nahin diya hai Kanoon tabhi hota hai jab vah Assam mein dharmik hota hai aur yah Kanoon kisi bhi roop mein avsar dhanik nahin hai is chij ko hamare Desh ka jo bhi achcha majbut Kisan Jo virodh kar raha hai vah kisi Ko samjhe aur hamare Jo chhote Kisan Hain unko bhi samjhe aur unse bhi kahe ki nahin yah Kisan virodhi Kanoon nahin hai yah kam achcha hai hai re jiska support kijiye taki agar jindagi mein kabhi bhi kisanon ki halat sudhar jayegi to uska shre Bharat Sarkar nahin khud kisanon Ko milega please kisanon ki halat ko sudharne ke liye Bharat Sarkar ka Sahyog Karen anyatha sir aap jante Hain ki kisanon ki halat sabhi sudhrenge nenava kisanon ke halat nahin sudhari desh ki hardik Desh ke halat nahin Desh duniya ka ki barabari nahin kar payega agar aap chahaton ki hamare Desh duniya ki Bara bhi Na kar paye to theek hai aap apna virodh jari rakhen ismein kisi ko koi bhi aapatti nahin hai dhanyvad aur hamari baat se kuchh bhi galat agar Alfaaz nikal gaye ho jisse kisi ko koi thanks pahunchi ho to main aapse Dil se Main maafi mangna chahta hun kyunki Main bhi Uttar Pradesh ka hi Rahane wala hun mein kisi dusre rajya ka Rahane wale nahin hun Jahan is chij ka virodh Ho Raha hai jis rajya mein usi Raja kam hai abhi Rahane wala hun kyunki mujhe kisi ne Abhi Tak nahin pata yah hai ki Aankhen ka Kanoon Aisa kya hai jiski wajah se kisanon ko ine kanunon ki jarurat nahin hai mujhe Bata de to Main bhi jaan jau dhanyvad agar hamare koi chij ko likhane mein kuchh galti Ho gai ho to kripya hamen uske liye kshma kar jaega Mera aapse yah vinamra nivedan hai dhanyvad

  2. Kalyan Singh Baghel

    I am very proud of New Kisan Krishi Bill 2020
    Aasha Karta hu ki ye Bill kisano ke liye 1 sakshej he
    Eska samarthan karna hi sabka vikash hai

    Thanks to your obediently

      1. msp per na to pahale kbhi kharid hue or nahi aage hogi sari rajnetik partiya chor h kisan ko khud hi rajneeti me aana pdega chodhari charan singh ji ki tarah (kisan ka ek per khet me or ek per sansad me hona chahiye)
        sabhi kisan bhai ek ho jao. jai hind jai bharat

  3. Kisan bill 2020 in Hindi pdf is not downloading, only showing in every paragraph but not actual download is available on any page for a new user like me…
    Mahesh 9828152596

  4. Sir ji kisan bill mai ye to saaf hai MSP jese tha wese rahegi achhi baat hai, Mera mang ye hai sarkar ko MRP par ek kanun lagu karni chahiye warna kisan se anaj lene wale logs or companyone MSP 1000 deke MRP 5000 karne par pichhe nahi hatenge jis waje se puri deah ke janata ko mahangai ka samna karna pad sakti hai, sarkar ko yese ek kanaun MRP par lagu karni chahiye ( example ) MSP 1000 hai to MRP 1200 se 1400 honi chahiye use jyada agar kisine MRP par chhed chhad kiye to unko sakt saja milega, ? dhanyabad , vande matram, jai jawan jai kisan

    1. जिस देश में प्याज महंगी होने के कारण सरकार चुनाव हार जाती है उस देश में यह संभव है कि कोई 1000/कुंतल में गेहूँ खरीदे और 5000/कुंतल बेच ले | फिर सरकार 1रुपये/2 रुपये किलो गेहूँ कहाँ से और किसके लिए देती है | कभी सोचा है 21 रुपये किलो खरीदकर 2 रुपये किलो बेचने का Logic क्या है ,क्यों है और किसके लिए है ? वोट के लिए | क्या कोई भी सरकार किसान मतलब 65% जनसंख्या को नाराज कर सकती है , नहीं |धन्यवाद|

  5. कथनी और करनी में अंतर होता है, ये तीनों कानून जितने अच्छे दिखाई दे रहे हैं,उतने हैं नहीं। सबसे पहला जो डर है वो MSP का है, अध्यादेश आने के बाद भी ज्यादातर फ़सल MSP से नीचे बिक्री हुई है। दूसरे हरियाणा और मध्य प्रदेश ने अपने यहां पर दूसरे राज्यों के किसानों को फसल बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है, तो आगे अन्य राज्य ऐसा नहीं करेंगे क्या गारंटी है(ओपन मार्केट खत्म) तीसरे बड़े व्यापारी किसानो से अनाज खरीद कर कालाबाजारी करेंगे तो मंहगाई से आम आदमी ही दुःखी होगा।2006 से बिहार में सरकारी मंडी खत्म होने के बाद वहां का किसान आधे रेट पर भी मुश्किल से फ़सल बेच रहा है। पेनकार्ड से फ़सल खरीदने वालों की धोखाधड़ी से किसान को कौन बचाएगा। कान्ट्रेक्ट खेती में विवाद की स्थिति में आप कोर्ट नहीं जा सकते हैं, सिर्फ SDM तक जा सकते हैं, वहां किसान की सुनवाई होगी या अमीर व्यापारी की। फिर भी किसी विद्वान को अगर इन कानूनों में कुछ अच्छा और फायदेमंद नज़र आ रहा है तो कृपया हमें भी समझाएं, ताकि हम भी इनका फायदा उठा सकें।
    ओम

    1. विनोद

      ये किसानों के तथाकथित कई नेता व संगठन देश की राजधानी दिल्ली के चारों तरफ के सभी मुख्य रास्तों व हाइवेज को घेर कर बंद कर रखा है, आंदोलन करने का ऊचित मार्ग तो कत्तई नही है , हर नागरिक को अपने देश के केन्द्रीय सरकारों पर भरोषा तो करना ही चाहिए, भारत की यह मजबूत व बेजोड़ सरकार अपने किसानो के विरूद्ध क्यों रहेगी?
      क्या यह ईस्ट इंडिया कंपनी है? नहीं न ।
      अपने देश के वर्तमान व देश के गौरव को शिखर तथा मस्तक को ऊंचा करने वाली सरकार पर विश्वास करे।
      सब कुछ मंगलमय होगा
      ।।जय हिन्द जय भारत।।

    2. apka lekh read kiya jisme sari bate y pardashit kar rahi hai ki aaisa ho jayga, vaisa ho jayga to bhai kisne dekha abhi tak 6 mahine se to kanoon lago hi hai or agar in kanoon se phale kitne kishan kudkushi kar chuke to ek baar in kanoon ko manane mai kay smasya hai kya, agar kharab hi hai to baad mai bhe vorodh kar sakte hai

      1. rahne de bhai samjhaane ka koi fayda nahi hai inko.. har chiz future tense main chal rahi hai inki…

        370 /35A – कश्मीरियत चली जाएगी,
        तीन तलाक- बीवी चली जाएगी
        पोलियो नहीं पीयेगे- जवानी चली जाएगी
        CAA- नागरिकता चली जाएगी
        Corona vaccine – मर्दानगी चली जाएगी
        Kisan बिल – जमीन चली जाएगी

        Next…
        Uniform civil code – आजादी चली जाएगी..
        Population बिल – इंसानियत चली जाएगी…. लहसून अदरक प्याज और भी कुछ backchodi है तो बताओ

        ये सावन के अंधे है सब हरा ही हरा दिखाई देगा इन्हें .

        1. अगर सरकार कहते है तो ऐसा कानून बनने में क्या परेशानी है जिसमें लिखा हो कि एम एस पी से नीचे कोई नहीं खरीदेगा और अगर खरीदेगा तो उसे जुर्माना या सजा होगी। और एम एस पी स्वामी नाथन रिपोर्ट के अनुसार क्यों नहीं देना चाहती आप अगर सरकार के हिमायती हो तो ये दो कानून सरकार से पास करा दो किसान मोर्चा छोड़ देगें बस करा कुछ सकते नहीं बकचोदी करनी आती है किसान बिल पड़े हैं आपने या ऐसे ही बकबास कर रहे हो। इन किसान बिलो के साथ तुम ने इसके साथ कश्मीर ,सी ए ए ,पोलियो, और करोना वैक्सीन को कैसे जोड़ दिया। तुम सभी को पागल भंते हो। अब तो कश्मीर में ३७० हट गयी और कशमीर को तोड़ भी दिया अब कश्मीर में तुमने कितने कश्मीरी पंडित बापस भेज दिये और कितनों ने बहाँ पर जमीन खरीद ली जरा लिस्ट भी डाल देना। अब तो सब केंद्र के हाथ में है।

    1. Devashish Abrol

      ये किसान बिल एक वैकल्पिक व्यवस्था है , सरकारी मंडियां वैसे ही रहेंगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य भी रहेगा। जिसको इस व्यवस्था में जाना है वो जाए जिसे नही जाना वो सरकारी मंडी का रुख करे।

  6. surendra namdevc

    kisan bill wapas hone chahiye uske ek nahi anek karan hai
    1. ek des ek bajar :- des me 2-3 ekad wale 84% kisan hai jo 5km tak apni upaj nahi le ja sakte to fir wo ye rajya se dusre rajya tak kese jayege trasport charge bahut jada hoga or bhi kai karan hai
    2. contract farming :- koi bhi contrectar chote kisan k pas deal karne k liye nahi ayega isliye bade kisan kam price m khet ko lega or sahi rate m badi company k sath deal kar lega kyo ki bade kisan jada h isliye ye bill galat h
    3. jama khori ka h : is bill se kala bazari badegi or mahgai bhi badhegi

    1. Ab kaun si kam hai sir, 1 mahina pehle Gobhi Rs 60 kg thi, seb aaj tak kabhi 60-70 Rs say neeche nahi bika, chahe jitni marzi pedavaar ho, anaar jaisa fal sirf ameer aadmi afford kar sakta hai. Aaj bhi kissan sabzi kaudion k bhav bechta hai, yaan 4-5 Rs, per kg, aur kitne mein kharidte ho 20-80 Rs kg, to aap to aaj bhi thage jaa rahe ho sir,
      doosra, chawal jo punjab haryana mein hota hai uski kabhi testing karwa k dekh lena, lab wale bolenge sahib, itna urea aur pesticide content hai ismein ki aap kha nhi sakte…
      yaani bazaar mein 50 Rs /kg chawal khareed kar bhi aap maut khareed rahe ho….

      up, bihaar aur mp jaise ghareeb rajyo mein gehu aur chawal 800Rs/100kg bikta hai, aur Msp 1900 RS hai, un ke saath wahaan k contractor (aadti) gundagardi karte hain….. unke liye ye rule acche hain…………..

  7. All the persons are making hue and crying without going into depth of these Bill’s. When the old system is not abolished and farmers have both the options then they misguided by opposition leaders. Have you seen any opposition leader spending a night in cold waves ? Farmers must understand all this.

  8. gurwinder Singh

    My dear MSP ki koi surity nehi hai if government thinking to much for farmer he must have reapeal the laws and have to discuss with farmer and make these laws again in Bihar these farmer bill already active then what is the condition of Bihar farmers and some people said that kerela also no have Mandi system actually kerela farmer grow only spices and they sold it on international market now last days feed company wants to buy soya whose Mandi price is 3600 farmer already sold it now soya seeds only available in ambani and adami stores and they are selling on price 10000rup now tell me what is the benefits of farmer all benefits only for ambani and adani don’t make us fool we are also educated

    1. Jab Bihar mein Mandi khatm ki gai thi To yah Kanoon lagu nahin tha is Karan vahan ke kisanon ka Vikas nahin Ho Paya

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