बिहार राज्य फसल सहायता बीमा योजना किसानों के लिए: थ्रेसहोल्ड उपज दर और 7500 से 10000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा-Bihar Rajya Fasal Sahayata Yojana in Hindi

Bihar State Crop Assistance Insurance Scheme for Farmers | CM Nitish Kumar Launch Rajya Fasal Sahayata Bima Yojana | Threshold Yield Rate & Rs 7500 to 10000 Per Hectare Compensation

स्थायी (खड़ी) फसल क्षतिग्रस्त होने पर बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक नई “राज्य फसल सहायता योजना” (State Crop Assistance  Scheme) शुरू की है। इस फसल सहायता योजना/बीमा योजना के तहत, सरकार प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों के ख़राब होने के मामले में किसानों को राहत प्रदान करेगी। राज्य सरकार थ्रेसहोल्ड उपज दर (Threshold Yield Rate) के आधार पर 7,500/- रुपये से 10,000/- रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की राशि प्रदान करेगी। बिहार सरकार वित्त वर्ष 2018 के खरीफ सीजन से इस योजना को लागू करने जा रही है। बिहार, देश में अपनी खुद की फसल बीमा योजना शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है। इससे पहले, सभी किसान फसल के नुकसान के मामले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhanmantri Fasal Bima Yojana) पर ही निर्भर रहते थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने यह निर्णय हालही (6 जून) में हुए कैबिनेट की बैठक में यहाँ सुनिश्चित करने के लिए लिया है कि फसल के नुकसान के मामले में कोई भी किसान लाभ से वंचित नहीं रहे। इस कैबिनेट की बैठक में, राज्य सरकार ने कुल मिलाकर 39 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, जिसमें किसानों और अर्द्ध सैनिकों के लिए अहम फैसला लिया गया है। फैसले के मुताबिक अर्द्ध सैनिकों के शहीद होने पर उनके परिवार को मदद के रूप में 11 लाख रुपये दिये जाएंगे। वहीं, किसानों के लिए अहम फैसला यह लिया गया है, जिसके तहत बिहार राज्य में फसल सहायता योजना लागू की गई। प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान हुए फसल की भरपाई ‘बिहार राज्य फसल सहायता योजना (Bihar State Fasal Sahayata Yojana) के तहत होगी। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत किसानों को अगली फसल के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

बिहार राज्य फसल सहायता योजना (Bihar State Crop Assistance Scheme)

फसल के नुकसान की स्थिति में सूचीबद्व फसलों की थ्रेसहोल्ड उपज दर (Threshold Yield Rate) के आधार पर सभी किसानों को यह सहायता मिल जाएगी। इस नई फसल बीमा योजना के तहत सहायता राशि निम्नानुसार है:

  • वास्तविक उपज थ्रेसहोल्ड उपज दर से 20% से कम हो तो: – यदि स्थायी फसल 20% से कम छतिग्रस्त हो तो राज्य सरकार, किसानों को 2 हेक्टेयर (7,500/- रुपये प्रति हेक्टेयर) के लिए अधिकतम 15,000/- तक मुआवजे का भुगतान करेगी।
  • वास्तविक उपज थ्रेसहोल्ड उपज दर से 20% से अधिक हो तो: – यदि स्थायी फसल 20% से अधिक छतिग्रस्त हो तो बिहार सरकार, किसानों को 2 हेक्टेयर (10,000 – रुपये प्रति हेक्टेयर) के लिए अधिकतम 20,000/- तक सहायता का भुगतान करेगी।


इस योजना में राज्य के सभी रैयतों और गैर-रैयतों किसान शामिल होंगे और यह योजना किसानों के लिए मानसून योजना (Mansoon Yojana) से शुरू की जाएगी। राज्य फसल सहायता योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रतिस्थापन के रूप में कार्य करेगी। पीएमएफबीवाई (PMFBY) योजना के तहत, किसान योजना का पूरा लाभ प्राप्त करने में असमर्थ थे।

नोट – प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में केंद्र और राज्य को 49 प्रतिशत प्रीमियम राशि का वहन करना पड़ता था, जबकि किसान को प्रीमियम राशि का 2% भुगतान करना पड़ता था। आज तक राज्य सरकार ने 2016 में प्रीमियम राशि के रूप में 491 करोड़ रुपये का भुगतान किया जबकि किसानों को बीमा कंपनियों से केवल 225 करोड़ रुपये तक ही मिले है। इस समस्या को देखते हुए ही बिहार सरकार ने अपनी खुद की फसल बीमा सहायता योजना (Fasal Bima Sahayata Yojana) शुरू की है, जोकि एक बहुत ही अच्छी पहल है। इससे किसानो को सीधे तौर में ही फायदा मिलेगा।

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1 Comment
  1. Santosh kumar says

    Kuch nahi karne wale Nitish ji

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